लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
उनियारा में सोमवार रात श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला जब शहर में जन-जन के आराध्य लोक देवता श्री देहलवाल जी महाराज के तीन दिवसीय मेले की शुरुआत से पूर्व परंपरा के अनुसार नेजों (ध्वज) की बिंदोरी पूरे श्रद्धा भाव के साथ निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और वातावरण भक्तिमय बना रहा। बिंदोरी के दौरान तेजाजी महाराज के गीतों और भजनों की गूंज, ढोलक की लावणी थाप, मंजीरों और अलगोजों की मधुर ध्वनि पर श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे।
इस अवसर पर कई भक्तों ने नेजों के आगे धुपेड़ों में देसी घी अर्पित कर अपनी आस्था व्यक्त की। उल्लेखनीय है कि शहर में प्रति वर्ष नगरपालिका के तत्वावधान में बस स्टैंड के पास तेजा दशमी के अवसर पर श्री देहलवाल जी महाराज का तीन दिवसीय मेला बड़े धूमधाम और पारंपरिक तरीके से आयोजित किया जाता है, जहां देहलवाल जी के मंदिर पर शहर के माली, कीर तथा कुशवाहा समाज द्वारा नेजे (ध्वज) चढ़ाने की विशेष परंपरा निभाई जाती है। मान्यता है कि यह नेजे शहर को विभिन्न प्रकार की व्याधियों और आपदाओं से बचाए रखने के लिए चढ़ाए जाते हैं, और इन्हें चढ़ाने से पूर्व श्रद्धालुओं द्वारा शहर की परिक्रमा करते हुए रात को भव्य बिंदोरी निकाली जाती है।
इस बार भी बिंदोरी जब विभिन्न मार्गों से होकर निकली तो श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था, चारों ओर भक्ति का माहौल था और नगरवासियों ने जगह-जगह स्वागत कर पूजन-अर्चन किया। श्रद्धालु हाथों में ध्वज लिए भक्तिरस में डूबे हुए चल रहे थे, वहीं महिलाओं और युवाओं ने भजनों पर नृत्य कर उल्लास बढ़ाया। इस धार्मिक आयोजन ने न केवल लोक परंपराओं की जीवंतता को दर्शाया बल्कि समाज में एकता और विश्वास का संदेश भी दिया।
















































