लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
नावा में आज आस्था और भक्ति का महापर्व तेजा दशमी बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया जा रहा है
ढोल-नगाड़ों और भजनों के बीच झूमे भक्त नावा सहित आसपास के गांवों में शोभायात्राएँ, लोकगीतों व नृत्यों से झूमे श्रद्धालु
अंडमान-निकोबार में भी प्रवासी राजस्थानियों ने भक्ति उल्लास से मनाई तेजा दशमीतेजाजी महाराज की आस्था ने तोड़ी सीमाएँ, हर ओर गूंजे जयकारे
एंकर_डीडवाना-कुचामन जिले के नावा में आज आस्था और भक्ति का महापर्व तेजा दशमी बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही तेजाजी महाराज के मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों की गूंज के बीच महिलाएँ, बच्चे और बुजुर्ग बाबा तेजाजी के दर्शन करने पहुँचे और बाबा को धोक, नारियल, प्रसाद, दूध अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
गाँव-गाँव और ढाणी-ढाणी में भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर भव्य शोभायात्राएँ निकाली गईं, जिनमें श्रद्धालुओं ने लोकगीतों और भजनों पर नृत्य कर अपनी आस्था व्यक्त की। कई स्थानो पर रात्रि में भजन संध्या का आयोजन किया गया तो कई स्थानों पर नावा में कलश यात्रा निकाली गई।
तेजा दशमी का उल्लास केवल राजस्थान तक ही सीमित नहीं रहा अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में भी नावा के राजस्थानी तेजा भक्त मंडल ने विशेष पूजा-अर्चना कर यह पर्व धूमधाम से मनाया। वहां रह रहे राजस्थानियों ने बाबा तेजाजी के लोकगीतों पर नृत्य कर पर्व की खुशियाँ बाँटी और एक-दूसरे को शुभकामनाएँ दीं।
भक्ति, उल्लास और लोक परंपराओं से सजे इस पर्व ने आज सचमुच यह संदेश दिया कि तेजाजी महाराज की आस्था सीमाओं से परे है, और उनके जयकारे हर जगह गूंज रहे हैं।



















































