लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)।
उपखंड क्षेत्र के सुन्थड़ा स्थित सुखोदय तीर्थ क्षेत्र पर दशलक्षण पर्यूषण पर्व के चौथे दिन रविवार को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ उत्तम शौच धर्म तथा भगवान पुष्पदंत (सुवधिनाथ) का मोक्ष कल्याणक मनाया गया।
प्रबंध कमेटी अध्यक्ष महावीर प्रसाद पराणा एवं मंत्री बसंत कुमार जैन ने बताया कि पर्यूषण पर्व का जैन धर्म में अत्यंत महत्व है। भगवान पुष्पदंत को सुवधिनाथ भी कहा जाता है। शिखरजी के सुप्रभ कूट पर उन्होंने भाद्रपद शुक्ल अष्टमी को मोक्ष प्राप्त किया था।
उत्तम शौच धर्म का संदेश
दशलक्षण पर्व का चौथा दिन उत्तम शौच धर्म को समर्पित होता है। इसका अर्थ है लोभ और अतृप्ति का त्याग कर संतोष एवं सादगी को अपनाना। इससे आंतरिक शुचिता आती है और जीवन सुखमय होता है।
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यह धर्म हमें सिखाता है कि अतृप्त इच्छाएं दुख का कारण बनती हैं।
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शौच धर्म इच्छाओं पर नियंत्रण कर हमें अधिक संतुष्ट और तृप्त बनाता है।
धार्मिक कार्यक्रम
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आयोजन की शुरुआत मंगलाष्टक से हुई।
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इसके बाद नित्य अभिषेक और शांति धारा सम्पन्न हुई।
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पांडूशीला शांतिधारा अजय कुमार, विनोद कुमार, तुषार कुमार, पीयूष कुमार, यश कुमार गोधा (अलीगढ़) परिवार द्वारा की गई।
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तत्पश्चात देवशास्त्र पूजा, मूलनाक भगवान, सोलह भावना, नंदीश्वर दीप एवं दशलक्षण पूजा आयोजित की गई।
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शाम 7:30 बजे भक्तामर दीपार्चना का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए।














































