लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल)
वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में बुधवार को गणेश चतुर्थी का पावन पर्व भक्ति, उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों और पंडालों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। शहर की गलियों और चौक-चौराहों पर गणपति बप्पा के जयकारे गूंजते रहे।
सिद्ध गणेश मंदिर में 5001 मोदक का भोग
गांधीनगर स्थित सिद्ध गणेश मंदिर में भगवान गणपति का विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान को 5001 मोदक का भोग अर्पित किया गया और दोपहर में महाआरती की गई। साथ ही मंदिर परिसर में एक दिवसीय मेले का आयोजन हुआ, जिसमें झूले, चकरी और खाने-पीने की दुकानों ने भक्तों और बच्चों का मन मोह लिया।
रोकड़िया गणेश मंदिर में छप्पन भोग
नेहरू रोड स्थित रोकड़िया गणेश मंदिर में अध्यक्ष प्रेमप्रकाश शाह की देखरेख में सुबह हवन और महाआरती के बाद भगवान गणेश को छप्पन भोग लगाया गया। यहां 21 फीट ऊंची रोकड़िया गणेश प्रतिमा के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
गली-मोहल्लों में सजी भव्य प्रतिमाएं
शहरभर में विभिन्न गली-मोहल्लों और चौक-चौराहों पर सजाए गए पंडालों में सुंदर और विशाल गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की गई। सुबह और शाम की आरती के बाद भक्तों को बड़े पैमाने पर प्रसाद वितरित किया जा रहा है।
12 फीट गजानंद की भव्य स्थापना
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प्रतापनगर थाना क्षेत्र की लेबर कॉलोनी में नवयुवक मंडल द्वारा पंचमुखी अष्टभुजा स्वरूप वाले 12 फीट गणेश जी की स्थापना विधि-विधान से की गई।
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माणिक्य नगर चौराहे पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा उज्जैन से लाई गई 12 फीट गणेश प्रतिमा की स्थापना की गई।
इन दोनों स्थानों पर 10 दिन तक डांडिया और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए। शहर के प्रमुख मंदिरों और पंडालों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
शाम ढलते ही पंडालों में डांडिया रास, भजन संध्या और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शुरू हो जाएंगी। श्रद्धालु नृत्य, संगीत और भक्ति गीतों के माध्यम से पर्व की खुशी मनाएंगे।
















































