भाविप विवेकानंद ने किया गुरुजनों व श्रेष्ठ बालकों का सम्मान

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

वाणी से विद्या देना असम्भव, आचरण का प्रभावी होना जरुरी: राजेश समदानी

भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल) भारत विकास परिषद की विवेकानंद शाखा ने गुरुवार को शास्त्रीनगर स्थित आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय में चार विद्यालयों के गुरुजनों व श्रेष्ठ विद्यार्थियों का सम्मान किया। समारोह में मुख्य वक्ता राजेश समदानी ने कहा कि हम वाणी से विद्या पूर्ण नहीं दे सकते, हमारा आचरण प्रभावी होना जरुरी है। आचरण से ही गुरुजन ज्यादा बालकों को प्रेरित कर पाएंगे। यहीं गुरुजनों का दायित्व है। व्यक्ति के जीवन में प्रथम गुरु माँ, द्वितीय पाठशाला, तीसरा व्यवसायिक व चौथा आध्यात्मिक गुरु होता है।

कार्यक्रम के दौरान 14 बालकों को विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने पर प्रतीक चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रधानाध्यापक अविनाश छिपा ने स्वागत उदबोधन में बालकों को व्यवहारिक ज्ञान देने का विश्वास दिलाया। भाविप का परिचय पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष पारसमल बोहरा ने दिया। बच्चों को नशा नहीं करने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम संयोजक शिवनारायण ईनाणी रहे। संचालन रजनीकांत आचार्य ने किया। रीजनल संपर्क संयोजक गोविन्द प्रसाद सोडानी, पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश अजमेरा, शाखा अध्यक्ष गिरीश अग्रवाल आदि का सहयोग रहा। कार्यक्रम में 900 बालक व 40 गुरुजन मौजूद थे।

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