लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर रैफर हुई बच्ची भरतपुर में करती रही जीवन मौत से संघर्ष
बच्ची की जगह दूसरा बच्चा पहुच गया जयपुर इलाज के लिए
भरतपुर। भरतपुर के जनाना हॉस्पिटल में चिकित्साकर्मियों की लापरवाही से दो नवजात शिशुओं की अदलाबदली कर उनके जीवन को संकट में डालने के मामले को लेकर हंगामा हो गया। साँस लेने में कठिनाई की बजह से जिस नवजात बच्ची को उपचार के लिए जयपुर के जेके लोन अस्पताल में रेफर करना था उसकी जगह एक दूसरे नवजात शिशु (लड़का) को नवजात बच्ची की माँ के साथ जयपुर भेज दिया गया। जबकि बच्ची उपचार के अभाव में भरतपुर के जनाना अस्पताल में जीवन ब मौत से जूझती रही।
मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने जाँच शुरू की है। मिली जानकारी के अनुसार सांस लेने में आ रही परेशानी के कारण बुधवार को 20 वर्षीया प्रियंका की कोख से 6 जुलाई को जन्मी एक बच्ची को बुधवार को जनाना अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया। लेकिन सांस लेने में तकलीफ को देखते उसे देर रात जयपुर के जेके लोन अस्पताल के लिए रेफर किया गया। लेकिन एनआईसीयू में तैनात कर्मचारियों ने बार्ड में भर्ती 19 जून को नदबई निवासी छोटे लाल की 21 वर्षीया पत्नी डोली की कोख से जन्मे उसके बेटे को प्रियंका के परिजनों को थमा दिया और जिस नवजात बच्ची को उपचार के लिए भेजा जाना था वह भरतपुर के अस्पताल में जीवन मौत से संघर्ष करती रही।
मामले की कलई तब खुली जब कई घण्टे बाद जयपुर पहुच कर प्रियंका ने अपनी नवजात बेटी का डाइपर बदला तो वह सन्न रह गई क्योंकि उसे बेटी की जगह बेटा थमा दिया गया था। इस बीच जब डोली ने भी अपने नवजात बेटे का डाइपर बदलना चाहा तो उसके होश उड़ गए क्योंकि उसके सामने उसका बेटा नही किसी दूसरे की बेटी थी। मामला सामने आने के बाद जनाना अस्पताल में हंगामे के बीच असपताल प्रशासन ने डोली व उसके बेटे को भी देर रात जयपुर के जेके लान अस्पताल रेफर कर दिया।

















































