लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
भिवाड़ी से अरुण शर्मा की रिपोर्ट
भिवाड़ी की बिजली समस्याओं पर जयपुर डिस्कॉम की सीएमडी आरती डोगरा की सख्ती,
जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) की प्रबंध निदेशक (सीएमडी) आरती डोगरा ने गुरुवार को भिवाड़ी के डिस्कॉम कार्यालय में एक समीक्षा बैठक आयोजित की। इस दौरान उन्होंने बिजली आपूर्ति में लापरवाही, पेंडिंग कनेक्शनों और बार-बार हो रही बिजली कटौती को लेकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही, बिजली चोरी पर अंकुश लगाने, राजस्व वसूली और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
अधिकारियों को चार्जशीट, सहायक प्रशासनिक अधिकारी को एपीओ
सीएमडी डोगरा ने भिवाड़ी के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर (SE) जेपी बैरवा और कार्यकारी अभियंता (XEN) एससी महावर को एक उपभोक्ता की बिजली कनेक्शन फाइल में तीन महीने की देरी के लिए चार्जशीट जारी की। सहायक प्रशासनिक अधिकारी शंकर लाल सैनी को भी एपीओ किया गया। यह कार्रवाई एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद जांच में लापरवाही पाए जाने पर की गई। डोगरा ने इसे विभाग का आंतरिक मामला बताते हुए आगे कोई टिप्पणी करने से इनकार किया।
बिजली कटौती और फॉल्ट्स पर बीआईआईए ने जताई नाराजगी
बैठक में भिवाड़ी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (BIIA) के अध्यक्ष प्रवीण लाम्बा ने बिजली आपूर्ति की समस्याओं पर तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने खुसखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में हाल ही में हुए लंबे बिजली ब्रेकडाउन का उदाहरण देते हुए रखरखाव में लापरवाही का आरोप लगाया। बीआईआईए ने बताया कि 150 किलोमीटर से अधिक भूमिगत लाइनों में फॉल्ट लोकेटिंग मशीन की कमी के कारण फॉल्ट ठीक करने में 4-6 घंटे लगते हैं, जिससे उद्योगों को भारी नुकसान होता है। डोगरा ने तुरंत फॉल्ट लोकेटिंग मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सामान की कमी दूर करने और स्टोर खोलने का वादा
डोगरा ने कहा कि भिवाड़ी सर्कल में सामान की कमी को तुरंत दूर किया जाएगा। अभी भिवाड़ी का स्टोर अलवर पर निर्भर है, लेकिन जल्द ही भिवाड़ी में जमीन चिन्हित कर एक बड़ा स्टोर खोला जाएगा। इससे कनेक्शन की पेंडेंसी और फॉल्ट ठीक करने में लगने वाला समय कम होगा।
नए जीएसएस और फीडर की योजना
सीएमडी ने बताया कि भिवाड़ी एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है, जहां से सरकार को बड़ा राजस्व प्राप्त होता है। रिलैक्सो चौक, हरचंदपुर, घटाल, और सारे खुर्द में 33/11 केवी जीएसएस स्थापना के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। चोपानकी के 132 केवी जीएसएस को 220 केवी में अपग्रेड करने की मांग पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बस स्टैंड के पास नए जीएसएस के लिए बीआईडीए से भूमि आवंटन के लिए डोगरा ने सीधे बीड़ा सीईओ से बात की। साथ ही, 125 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए अलग से फीडर की पायलट योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया।
बीआईआईए की चेतावनी
बीआईआईए ने चेतावनी दी कि यदि निर्देशों का समयबद्ध कार्यान्वयन नहीं हुआ, तो उद्योगों को विरोध प्रदर्शन और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से अपनी बात उठानी पड़ेगी। डोगरा ने आश्वासन दिया कि भिवाड़ी की बिजली आपूर्ति को विश्वसनीय और उद्योग-अनुकूल बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में उपस्थित लोग
बैठक में बीआईआईए की ओर से मानद संरक्षक हरिराम शर्मा, सतेंद्र सिंह चौहान और वीके गर्ग शामिल थे। डिस्कॉम अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए।
सीएमडी आरती डोगरा के इस दौरे और सख्त रुख से भिवाड़ी के उद्योगों में बिजली आपूर्ति की समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। हालांकि, बीआईआईए ने स्पष्ट कर दिया कि परिणाम न दिखने पर उद्योग कड़े कदम उठाने से नहीं हिचकेंगे।

















































