सौभाग्य योजना से 2.86 करोड घर किए रोशन: मदन राठौड

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

2024 में देशभर में औसतन 21 से 23 घंटे हुई बिजली आपूर्ति: मदन राठौड

वित्तीय वर्ष 2024—25 में बिजली उत्पादन में 19,200 मेगावाट की होगी बढोतरी

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जयपुर,। (आर एन सांवरिया) केन्द्र सरकार की ओर से हर घर तक बिजली पहुंचाने के लिए शुरू की गई सौभाग्य योजना के तहत अब तक 2.86 करोड घरों को बिजली से रोशन किया गया है। इसके साथ ही दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के माध्यम से देशभर में 18 हजार 374 गांवो तक बिजली पहुंचाई गई है। यह जानकारी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड की ओर से राज्यसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न के जवाब में दी गई है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड ने कहा है कि केन्द्र सरकार देश को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही हर घर को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने की दिशा में काम कर रही है। इसके चलते वर्ष 2024 में देशभर में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में औसतन बिजली सप्लाई भी 21.9 से 23.4 घंटे रही है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि 2014 जब उन्होंने पीएम की कुर्सी संभाली थी तो देश में कुल बिजली उत्पादन 230 गीगावाट था जो अब बढकर 462 गीगावाट हो गया है। जिससे देश बिजली की कमी से मुक्त होकर पर्याप्त उपलब्धता की ओर अग्रसर हो रहा है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड ने कहा कि केन्द्र सरकार के दूरगामी निर्णयों के चलते आने वाले वर्षो में भारत बिजली उत्पादन में विश्व में अग्रणी स्थान पर होगा। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू हो गई है। वर्ष 2032 तक देश में तापीय बिजली के उत्पादन में 80 हजार मेगावाट की बढोतरी हो जाएगी। जिसके तहत वर्ष 2023—24 में 19 हजार 200 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए अनुबंध दे दिए गए है। वहींं जलविद्युत उत्पादन में वर्ष 2032 तक 50 हजार 760 मेगावाट की बढोतरी होगी। इसके अलावा नवीकरणीय उर्जा के उत्पादन पर भी जोर दिया जा रहा है जो भविष्य के लिए क्रांतिकारी कदम साबित होगा।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड ने कहा कि बिजली उत्पादन के साथ ही ग्रिड से राज्य और गांवो में दूर दराज तक बिजली लाइनें डालने के कार्य में भी तेजी आई है। ऐसे में राष्ट्रीय विद्युत योजना के अनुसार वर्ष 2032 तक एक लाख 91 हजार 474 सीकेएम पारेषण लाइनें और 1274 जीवीए ट्रांसफार्मेशन क्षमता का विस्तार किया जा रहा है। केन्द्र सरकार के इन प्रयासों से देश और राज्य उर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होता जा रहा है।

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