लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
10 घंटे तक चली पुलिस की कार्रवाई, 192 खाली बॉक्स और 532 नकली स्टिकर बरामद
राजस्थान से वरिष्ठ संवाददाता : नितिन मेहरा
अजमेर। अजमेर शहर में Apple ब्रांड के नाम पर कथित तौर पर नकली गैजेट्स और एसेसरीज का कारोबार किए जाने का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय कोतवाली और क्लॉक टावर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मोबाइल मार्केट में स्थित दुकानों और गोदामों पर छापेमारी की। पुलिस की यह कार्रवाई करीब 10 घंटे तक, दोपहर से लेकर आधी रात तक चली। कार्रवाई के बाद मोबाइल कारोबार से जुड़े अन्य दुकानदारों और एसेसरीज सप्लायर्स में भी हड़कंप मच गया।
कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार Apple कंपनी की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि और विशेष निगरानी टीम को अजमेर के बाजारों में कंपनी के नाम, लोगो और पैकेजिंग का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर नकली एसेसरीज बेचे जाने की जानकारी मिली थी। कंपनी प्रतिनिधि की ओर से पुलिस को शिकायत और संबंधित जानकारी उपलब्ध कराए जाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
पुलिस टीम ने दोपहर करीब 2 बजे सुंदर विलास और अग्रवाल धर्मशाला के आसपास स्थित दुकानों और गोदामों की तलाशी शुरू की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक एसेसरीज और पैकेजिंग सामग्री बरामद की।
नकली Apple पैकिंग में बेचे जाने का आरोप
पुलिस के अनुसार आरोप है कि स्थानीय स्तर पर तैयार या घटिया गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रॉनिक सामान को Apple जैसी पैकेजिंग में पैक कर ग्राहकों को बेचा जा रहा था। तलाशी के दौरान बरामद सामान में बड़ी संख्या में नकली पैकेजिंग और ब्रांडिंग सामग्री शामिल मिली।
पुलिस द्वारा बरामद सामग्री में:
- 24 नकली iPhone चार्जिंग एडॉप्टर
- बड़ी संख्या में चार्जिंग केबल
- 192 खाली iPhone बॉक्स
- 532 डुप्लिकेट Apple स्टिकर
शामिल बताए गए हैं।
कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने बरामद इलेक्ट्रॉनिक सामान, पैकेजिंग सामग्री और अन्य वस्तुओं को जब्त कर सील कर दिया है। मामले में कॉपीराइट कानून के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
क्लॉक टावर थाना पुलिस ने मामले में मुख्य दुकानदार नितेश केशवानी को हिरासत में लिया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर नकली एसेसरीज और पैकेजिंग सामग्री कहां से लाई जाती थी तथा इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
बड़े नेटवर्क की आशंका
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि बरामद सामान की सप्लाई अजमेर के बाहर से होती थी या इसे स्थानीय स्तर पर तैयार किया जाता था। संभावित सप्लायरों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य कारोबारियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस पूरे नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है और इससे जुड़े कारोबार में कितनी राशि का लेन-देन हुआ है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच और पूछताछ में जुटी है।























































