लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सीवरेज और जलभराव की समस्याओं को प्राथमिकता
आरयूआईडीपी के पंचम चरण पर जनप्रतिनिधियों से लिए सुझाव, गुणवत्ता और जवाबदेही का भरोसा
भरतपुर। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पंचम चरण के अंतर्गत भरतपुर शहर में प्रस्तावित 309.87 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को लेकर बुधवार को जिला कलक्टर सभागार में संवाद एवं परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता एडीएम सिटी राहुल सैनी ने की। इसमें जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों ने भाग लिया।
बैठक में आरयूआईडीपी अधिकारियों ने प्रस्तावित परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया और शहर की प्रमुख समस्याओं पर जनप्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त किए।
सीवरेज और सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
पार्षद दीपक मुद्दगल ने शहर की खराब सीवरेज व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई स्थानों पर सीवरेज लाइनें और मैनहोल लीकेज कर रहे हैं, जिससे सड़कों पर गंदगी फैल रही है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान यह समस्या और गंभीर हो जाती है तथा दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
उन्होंने कॉलोनियों में खुले में पशुपालन से फैल रही गंदगी, अमृत जल योजना के तहत पेयजल आपूर्ति, बंद नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था सुधारने की मांग भी रखी। नगर निगम आयुक्त ने सफाई व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया, हालांकि जनप्रतिनिधियों ने मौजूदा व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त किया।
घटिया गुणवत्ता के कार्यों पर जताई नाराजगी
पार्षद रूपेंद्र सिंह ने अमृत फर्स्ट और अमृत सेकंड परियोजनाओं के तहत हुए सीवरेज कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई स्थानों पर पाइप सही तरीके से नहीं बिछाए गए और लाइनें आपस में जुड़ी तक नहीं थीं। इसके कारण बाद में अलग से कार्य कराने पड़े, जिससे सरकारी धन का नुकसान हुआ।
उन्होंने मांग की कि पिछली परियोजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
पांच प्रमुख घटकों पर होगा कार्य
आरयूआईडीपी के अधीक्षण अभियंता विनोद चौहान ने बताया कि पंचम चरण की परियोजना में लगभग 309.87 करोड़ रुपये की लागत से पांच प्रमुख क्षेत्रों में कार्य प्रस्तावित हैं—
- सीवरेज कार्य – 182.55 करोड़ रुपये
- मोबिलिटी एवं ट्रांसपोर्ट इंटरसेक्शन सुधार – 71.45 करोड़ रुपये
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट
- फ्लड मैनेजमेंट
- कमांड एंड कंट्रोल सेंटर एवं हेरिटेज संरक्षण
उन्होंने कहा कि पूर्व परियोजनाओं में जहां कमियां रह गई थीं, उन्हें दूर किया जाएगा। नई परियोजना में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और भविष्य में सड़कों के धंसने, सीवरेज लीकेज तथा ओवरफ्लो जैसी समस्याओं को रोकने के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे।
जनसुझावों के आधार पर बनेगी कार्ययोजना
बैठक में अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से प्राप्त सुझावों को परियोजना में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि भरतपुर में सीवरेज, जल निकासी, यातायात, ठोस कचरा प्रबंधन और अन्य शहरी सुविधाओं में स्थायी सुधार हो सके।
हालांकि जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि योजनाओं की सफलता केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन से तय होगी।

















































