लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रियांबड़ी (प्रदीप कुमार डागा) नागौर जिले के देवरिया जाटान गांव में युवक सचिन सिंह की संदिग्ध मौत के बाद उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति करीब 30 घंटे बाद समाप्त हो गई। परिजनों और प्रशासन के बीच लंबी वार्ता के बाद सहमति बनने पर धरना समाप्त किया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाया गया।
घटना के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शव को मौके से हटाने से इनकार कर दिया था। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर डटे रहे और प्रशासन के सामने अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे, जिससे गांव में तनाव का माहौल बना रहा।
रविवार सुबह करीब 11 बजे मेड़ता सिटी वृत्ताधिकारी रामकरण सिंह मलिण्डा, जसनगर थानाधिकारी छीतरमल और उप निरीक्षक राजमल सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों व ग्रामीणों से बातचीत की। मृतक के चाचा प्रताप सिंह के अनुसार प्रशासन ने परिजनों की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद सहमति बनी और धरना समाप्त हुआ।
इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप भी देखने को मिला। राजस्थान लोकतांत्रिक पार्टी के नेता सुरेंद्र बेड़ा ने बताया कि पार्टी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने उच्च अधिकारियों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और शीघ्र खुलासे की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया।
सहमति बनने के बाद दोपहर करीब 2 बजे पुलिस बल की मौजूदगी में शव को रियांबड़ी के राजकीय चिकित्सालय लाया गया, जहां डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। इसके पश्चात शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसे अंतिम संस्कार के लिए गांव ले जाया गया।
जसनगर थानाधिकारी छीतरमल ने बताया कि परिजनों की मांगों पर सहमति बनने के बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही घटनाक्रम का खुलासा करने का दावा किया है।





















































