लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
चौमहला (झालावाड़)। क्षेत्र के चिकित्सा विभाग के लिए एक बड़ी सौगात सामने आई है, जहां करीब 2 से 3 करोड़ रुपये मूल्य की अस्पताल भूमि का आधिकारिक रूप से मालिकाना हक अब चिकित्सा विभाग को प्रदान कर दिया गया है।
यह भूमि पूर्व उपजिला प्रमुख स्वर्गीय करण सिंह परमार द्वारा वर्ष 1988 में अस्पताल निर्माण के उद्देश्य से दान की गई थी, लेकिन लंबे समय तक इसका कोई वैध लिखित दस्तावेज अस्पताल प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं था।
हाल ही में इस विषय पर पहल करते हुए चिकित्सा विभाग ने परमार परिवार से संपर्क किया। इसके बाद उनके पुत्र ठाकुर डूंगरसिंह परमार और गोपाल सिंह परमार सहित पूरे परिवार ने सहमति देते हुए जमीन का विधिवत रजिस्ट्री दान पत्र अस्पताल के नाम करवा दिया।
इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में तहसील प्रशासन और ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार बाघेला की अहम भूमिका रही। सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कर परमार परिवार के हाथों अस्पताल प्रभारी को सौंपे गए।
परमार परिवार ने बिना किसी लोभ-लालच के यह जमीन पूरी तरह नि:शुल्क दान दी। परिवार के सदस्यों—जस कुंवर बाई, प्रेम कुंवर बाई, डूंगरसिंह परमार, गोपाल सिंह परमार तथा पुत्रियां पार्वती कुंवर, राधा कुंवर और कृष्णा कुंवर—ने एकमत से यह निर्णय लिया।
डूंगरसिंह परमार ने बताया कि उनके पिता का सपना था कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलें। उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए परिवार ने यह कदम उठाया है, जिस पर उन्हें गर्व है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006 में भी अतिरिक्त भूमि दान की गई थी, जिसमें अस्पताल परिसर में स्वर्गीय करण सिंह परमार के नाम से शिलालेख लगाने की शर्त रखी गई थी। अब 23 अप्रैल 2026 को सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए बिना किसी शर्त के जमीन की रजिस्ट्री अस्पताल के नाम कर दी गई है।
ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी ने परमार परिवार का आभार जताते हुए आश्वासन दिया कि अस्पताल में दानदाता के सम्मान में शिलालेख लगाया जाएगा।
कई वर्षों की प्रक्रिया और आपसी समन्वय के बाद यह कार्य पूर्ण हुआ, जिसे क्षेत्र में एक अनुकरणीय और प्रेरणादायक पहल माना जा रहा है।
















































