लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
किशनगढ़ रेनवाल | नवीन कुमावत। किशनगढ़ रेनवाल के निकट मंढाभीमसिंह गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर राजकीय आयुर्वेद औषधालय में मौसमी बीमारियों से बचाव को लेकर संगोष्ठी आयोजित की गई।
आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी डॉ. मुकेश शर्मा ने कहा कि बढ़ती हीटवेव (लू) से बचाव के लिए आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि शरीर को अंदर से ठंडा रखना और पित्त दोष को संतुलित करना आवश्यक है। इसके लिए—
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीना
- नारियल पानी का सेवन
- छाछ में भुना जीरा और काला नमक
- जौ व चने का सत्तू
- तरबूज, खरबूजा, खीरा जैसे फल
फायदेमंद हैं।
प्राकृतिक उपाय और जड़ी-बूटियां
डॉ. शर्मा ने कहा कि आम पन्ना, सौंफ का पानी, पुदीना, लेमनग्रास, एलोवेरा जूस, गुलकंद और आंवले का मुरब्बा शरीर की गर्मी कम करने में सहायक हैं।
♂️ जीवनशैली में बदलाव जरूरी
उन्होंने सलाह दी कि—
- दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप से बचें
- हल्के सूती कपड़े पहनें
- सिर ढककर बाहर निकलें
- शीतली प्राणायाम करें
हीटस्ट्रोक के लक्षण
संगोष्ठी में अत्यधिक पसीना, कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द, मतली और बेहोशी जैसे लक्षणों की जानकारी दी गई और तुरंत प्राथमिक उपचार की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में कई स्थानीय नागरिक, बैंक अधिकारी और स्वास्थ्य कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने जागरूकता अभियान में भाग लिया।





















































