लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर (रूपनारायण सांवरिया) – भाजपा प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने मंगलवार को राज्यसभा में महिलाओं के घरेलू श्रम का आर्थिक मूल्यांकन करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश की महिलाओं द्वारा परिवार और घर के लिए किया गया श्रम अब तक अनदेखा रहा है, जबकि इसका समाज और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है।
सांसद ने उठाए मुख्य बिंदु
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महिलाएं परिवार की रीढ़ हैं, बच्चों के पालन-पोषण, बुजुर्गों की देखभाल, भोजन, सफाई और अन्य दैनिक कार्यों में अमूल्य योगदान देती हैं।
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घरेलू कार्यों को अभी तक आर्थिक दृष्टि से मान्यता नहीं मिली और इन्हें राष्ट्रीय आय (GDP) में शामिल नहीं किया गया।
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अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार, अवैतनिक घरेलू श्रम को आर्थिक मूल्य में जोड़ा जाए तो यह किसी भी देश के GDP का बड़ा हिस्सा बन सकता है।
प्रस्ताव और सुझाव
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घरेलू महिलाओं के श्रम को औपचारिक आर्थिक योगदान के रूप में मान्यता दी जाए।
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सरकार न्यूनतम बुनियादी आय की व्यवस्था पर विचार करे ताकि घरेलू महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा मिले।
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नीति निर्माताओं को ठोस कदम उठाकर घरेलू श्रम को राष्ट्रीय आय में शामिल करने की दिशा में काम करना चाहिए।
सांसद का संदेश
डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि महिलाओं का सम्मान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि नीतिगत निर्णयों से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के योगदान को सही मायनों में स्वीकार किया जाए तो यह देश की सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए अत्यंत लाभकारी होगा।















































