लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नालसा। राजकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में आयोजित आरोग्य महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर जिला कलेक्टर कमर उल जमाल चौधरी ने आयुर्वेद पद्धति को जनमानस तक पहुँचाने और इसे लोकप्रिय बनाने में इनोवेशन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया।
जिला कलेक्टर ने कहा कि स्वस्थ रहने और रोग से शीघ्र लाभ की अभिलाषा सभी की होती है, और इसके लिए आयुर्वेद हमेशा अग्रणी रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि आधुनिक दौर में आयुर्वेद को सहजता से उपलब्ध कराने के लिए सोशल नेटवर्किंग और अन्य डिजिटल माध्यमों से इसके उपचारों का प्रचार-प्रसार और प्रमाणित जानकारी (एविडेंस) साझा करना आवश्यक है। 
कार्यक्रम की मुख्य बातें:
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महोत्सव का शुभारंभ भगवान धन्वंतरि की पूजा अर्चना के साथ किया गया।
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प्रमुख अतिथियों में शामिल थे:
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प्रो. डॉ. कमलेश विद्यार्थी, पूर्व विभागाध्यक्ष, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर
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प्राचार्य डॉ. यशपाल सिंह
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प्रधान चिकित्सक एवं उपाधीक्षक डॉ. चन्द्र प्रकाश दीक्षित
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अतिरिक्त निदेशक डॉ. सतीश लवानिया
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उपनिदेशक डॉ. साधुराम शर्मा

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प्रधान चिकित्सक डॉ. चन्द्र प्रकाश दीक्षित ने महोत्सव के महत्व और उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
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मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. कमलेश विद्यार्थी ने जीवनशैली, खान-पान और रसोईघर की उपयोगिता के वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी और स्वास्थ्य सुधार के लिए प्राकृतिक औषधियों और मेलैटोनिन के उपयोग की सलाह दी।
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महोत्सव में रोगों की सचित्र प्रदर्शनी, मुख्य मंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना और चिकित्सालय में संचालित अन्य सेवा प्रकल्पों की जानकारी दी गई।

चिकित्सालय के अधिकारी और कर्मचारी, पूर्व अतिरिक्त निदेशक डॉ. सुशील पाराशर, पूर्व उपनिदेशक डॉ. नरेश तिवारी, समाजसेवी रामसिंह वर्मा, भारत विकास परिषद् लोहागढ़ शाखा के पदाधिकारी सुरेश मेठी, सीए अंकुर खंडेलवाल, दिलीप कुमार सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अंत में सभी अतिथियों और उपस्थित जनों का आभार प्राचार्य डॉ. यशपाल सिंह ने व्यक्त किया।
यह महोत्सव आयुर्वेद के महत्व को उजागर करते हुए लोगों में स्वस्थ जीवन और जागरूकता बढ़ाने का एक सशक्त प्रयास रहा।

















































