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श्रद्धा, सेवा और संस्कारों की मिसाल बनी भक्तमाल कथा

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

भक्ति की बयार में डूबा लाम्पोलाई, संत वाणी से जागी धर्म और संस्कारों की चेतना

पादूकलां। निकटवर्ती ग्राम लाम्पोलाई स्थित श्री श्याम गौशाला परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्री भक्तमाल कथा के छठे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और संत वाणी का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

कथा व्यास संत श्री सुखदेवदास महाराज ने भक्तमाल ग्रंथ की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि संतों और भक्तों का जीवन समाज के लिए अमूल्य धरोहर है। उनके आदर्शों को अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। उन्होंने कहा कि संतों के जीवन से त्याग, सेवा, समर्पण और मानवता की प्रेरणा मिलती है।

गुरु ही मोक्ष का द्वार

संत श्री सुखदेवदास महाराज ने गुरु महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु ही मोक्ष का द्वार हैं। सद्गुरु के मार्गदर्शन से मनुष्य अज्ञानता के अंधकार से निकलकर सत्य, धर्म और ज्ञान के प्रकाश की ओर अग्रसर होता है। गुरु का सान्निध्य जीवन को नई दिशा और उद्देश्य प्रदान करता है।

गौसेवा भारतीय संस्कृति की पहचान

कथा के दौरान गौ माता की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की पहचान है। गौ संरक्षण और गौसेवा से समाज में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण निर्मित होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गौसेवा को जनभागीदारी का अभियान बनाने का आह्वान किया।

श्रीराम और शबरी प्रसंग से दिया भक्ति का संदेश

संत महाराज ने भगवान श्रीराम और माता शबरी के प्रसंगों के माध्यम से निष्कपट भक्ति, प्रेम और समर्पण का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने माता-पिता की सेवा को सर्वोच्च धर्म बताते हुए उनके सम्मान और सेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कथा के दौरान भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य कर अपनी आस्था व्यक्त की।

विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने लिया संतों का आशीर्वाद

कार्यक्रम में मेड़ता विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने पहुंचकर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा देने तथा युवाओं को मोबाइल की लत से दूर रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासन प्रतिनिधि सुशील लटियाल, भामाशाहों एवं समाजसेवियों का सम्मान भी किया गया।

गौशाला विकास के लिए हुई महत्वपूर्ण घोषणाएं

कथा आयोजन के दौरान गौशाला विकास को लेकर विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने श्री श्याम गौशाला में टीनशेड एवं लोहे के निर्माण कार्य करवाने की घोषणा की। वहीं कई भामाशाहों ने भी गौशाला के विकास और निर्माण कार्यों में सहयोग देने का संकल्प लिया।

संत श्री सुखदेवदास महाराज ने सभी सहयोगकर्ताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि गौसेवा के लिए दिया गया प्रत्येक योगदान समाज के लिए प्रेरणादायक है और इससे सेवा एवं संस्कारों की परंपरा मजबूत होती है।

श्रद्धा और सेवा का बना केंद्र

भक्तमाल कथा का यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, सेवा, गौ संरक्षण और पारिवारिक मूल्यों के प्रति जागरूकता का भी माध्यम बन रहा है। कथा के अंतिम चरणों में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या आयोजन की लोकप्रियता और धार्मिक आस्था का प्रतीक बनकर सामने आई है।

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