लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
‘अंगदान–महादान’ का संदेश, विशेषज्ञों ने बताया— एक अंगदाता कई लोगों को दे सकता है नया जीवन
जयपुर। अंगदान माह के तहत सीतापुरा स्थित महात्मा गांधी अस्पताल में अंगदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से आमजन, विद्यार्थियों और अस्पताल कर्मियों को अंगदान के महत्व, प्रक्रिया और इससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
अस्पताल में आयोजित कार्यक्रमों के अंतर्गत पोस्टर प्रतियोगिता, रैली, नुक्कड़ नाटक, जागरूकता व्याख्यान और सम्मान समारोह आयोजित किए गए। इन आयोजनों के माध्यम से ‘अंगदान–महादान’ का संदेश देते हुए लोगों को स्वैच्छिक अंगदान के लिए प्रेरित किया गया।
इसी क्रम में आयोजित ऑर्गन डोनेशन अवेयरनेस प्रोग्राम में डॉ. करन कुमार, डॉ. आशीष जैन सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अंगदान की प्रक्रिया, इसके महत्व और समाज में इसकी आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में फैकल्टी सदस्य, मेडिकल विद्यार्थी, अस्पताल कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विशेषज्ञों ने बताया कि एक अंगदाता कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दे सकता है। कार्यक्रम के दौरान अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के साथ-साथ संवादात्मक गतिविधियों के जरिए लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनकी रचनात्मकता और सामाजिक सरोकारों की सराहना भी की गई।
वरिष्ठ चिकित्सकों ने लिया अंगदान जागरूकता का संकल्प
कार्यक्रम का नेतृत्व अस्पताल के प्राचार्य डॉ. मनोज लखोटिया एवं मेडिकल डायरेक्टर डॉ. एस.एस. जायसवाल के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर डॉ. अरविंद विजय, डॉ. संजय सिंघल, डॉ. राहुल नायर, डॉ. सी.एम. अग्रवाल, मेजर अलका, डॉ. सुरभि गौड़ सहित वरिष्ठ चिकित्सकों एवं शिक्षकों ने अंगदान को मानवता की सर्वोच्च सेवा बताते हुए सभी से स्वैच्छिक अंगदान का संकल्प लेने का आह्वान किया।
राजस्थान में कैडेवर अंगदान की शुरुआत करने वाला पहला अस्पताल
महात्मा गांधी अस्पताल ने राजस्थान में पहली बार कैडेवर (मृतक) अंगदान की शुरुआत कर चिकित्सा क्षेत्र में नई पहचान स्थापित की है। अस्पताल ने किडनी, लिवर और हार्ट ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए हजारों मरीजों को नया जीवन प्रदान किया है। इन उपलब्धियों के कारण अस्पताल ने राष्ट्रीय स्तर पर भी राजस्थान का गौरव बढ़ाया है।