लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भारी भीड़ के मद्देनजर सख्त पार्किंग व्यवस्था लागू
अलग-अलग रूट से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग स्थल तय, मंडफिया कस्बे में केवल आवश्यक वाहनों को मिलेगा प्रवेश
गुरला/मंडफिया (चित्तौड़गढ़)। (सत्यनारायण सेन गुरला)
प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवरिया सेठ मंदिर, मंडफिया में आज, 12 अगस्त 2026 को हरियाली अमावस्या के अवसर पर भव्य मेले का आयोजन होगा। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की हैं।
मंडफिया थाना पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं और वाहन चालकों की सुविधा के लिए अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग स्थल और रूट व्यवस्था निर्धारित की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यातायात व्यवस्था का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अलग-अलग रूट के वाहनों के लिए पार्किंग तय
भादसोड़ा की ओर से आने वाली बसें:
सभी बसों को कॉलेज के पास निर्धारित पार्किंग स्थल पर खड़ा कराया जाएगा।
भादसोड़ा की ओर से आने वाले छोटे व निजी वाहन:
इन वाहनों के लिए रेफरल हॉस्पिटल बाईपास पार्किंग निर्धारित की गई है।
चिकारड़ा की ओर से आने वाले वाहन:
इस मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहन गोकुल विश्रांति गृह में पार्क किए जाएंगे।
भदेसर रोड की ओर से आने वाले वाहन:
इन वाहनों के लिए रिंग रोड बाईपास पर रामलाल गाडरी के कुएं के पास पार्किंग व्यवस्था की गई है।
करेड़ा-नरबदिया बाईपास की ओर से आने वाले वाहन:
इस रूट से आने वाले वाहनों को रिंग रोड बाईपास स्थित पेट्रोल पंप के पास पार्क कराया जाएगा।
मंडफिया कस्बे में प्रवेश पर रहेगी पाबंदी
पुलिस प्रशासन के अनुसार मेले के दौरान मंडफिया कस्बे के अंदर केवल आवश्यक सेवाओं और जरूरी वस्तुओं से जुड़े वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। अन्य वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करना होगा।
बैरिकेडिंग कर बंद रहेंगे अन्य रास्ते
भीड़ और यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था के अलावा अन्य रास्तों को बैरिकेडिंग कर बंद रखा जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें, यातायात नियमों का पालन करें और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का सहयोग करें।
प्रशासन का उद्देश्य मेले के दौरान जाम, अव्यवस्था और दुर्घटनाओं की आशंका को कम करते हुए श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन उपलब्ध कराना है।





















































