लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रिपोर्ट : तुषार पुरोहित
सिरोही। सिरोही जिले के रेवदर कस्बे में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर चिकित्सा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अस्पतालों को सीज कर दिया। हालांकि इस कार्रवाई के दौरान एक अहम सवाल भी खड़ा हो गया, जब टीम के पहुंचने से पहले ही कई अस्पतालों पर ताले लटके मिले।
जानकारी के अनुसार रेवदर में लंबे समय से बिना अनुमति और तय मानकों के निजी अस्पतालों के संचालन को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इसी के चलते चिकित्सा विभाग की टीम ने अचानक कस्बे में जांच अभियान चलाया।
रेवदर बीसीएमओ डॉ. एस.एस. भाटी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने जांच के दौरान दंतेश्वरी डेंटल केयर और रेवदर हॉस्पिटल में अनियमितताएं पाई, जिसके बाद दोनों संस्थानों को सीज कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान टीम में डॉ. तेजाराम, नायब तहसीलदार पुखराज रावल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कार्रवाई के दौरान एक चौंकाने वाली स्थिति तब सामने आई जब टीम के पहुंचने से पहले ही कस्बे के कई निजी अस्पताल और क्लीनिक बंद मिले और उनके बाहर ताले लगे हुए थे। इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या इन अस्पताल संचालकों को कार्रवाई की पहले ही सूचना मिल गई थी या उन्होंने आशंका के चलते खुद ही संस्थान बंद कर दिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेवदर में कई निजी अस्पताल लंबे समय से बिना पर्याप्त अनुमति और निर्धारित मानकों के संचालित हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से नियमित जांच की मांग करते हुए कहा कि इससे और भी अनियमितताएं उजागर हो सकती हैं।
चिकित्सा विभाग की इस कार्रवाई के बाद कस्बे में हड़कंप का माहौल है, वहीं अचानक बंद मिले अस्पतालों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
फिलहाल विभाग द्वारा दो अस्पतालों को सीज करने के बाद आगे की कार्रवाई जारी है। अब देखना होगा कि बंद मिले अन्य निजी अस्पतालों की भी जांच की जाती है या नहीं।


















































