लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नितिन मेहरा वरिष्ठ संवाददाता, अजमेर/जोधपुर
प्रदेशवासियों से डिजिटल महायज्ञ में आहुति देने की अपील
अजमेर। राजस्थान में डिजिटल क्रांति और राष्ट्र निर्माण का एक अनूठा संगम देखने को मिला है। राज्य के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने ‘जनगणना 2027’ के तहत शुरू हुए ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ (स्व-गणना) पोर्टल का इस्तेमाल कर खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन सबमिट की है। इस पहल के साथ ही उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को इस आधुनिक व्यवस्था से जुड़ने का न्योता दिया है।
डिजिटल उंगली, देश की तरक्कीमंत्री रावत ने कहा कि आज का भारत बदल चुका है और तकनीक हमारे हाथों में है। अब हमें सरकारी कर्मचारियों का इंतजार करने की जरूरत नहीं है, बल्कि हम खुद अपने मोबाइल से देश के डेटाबेस को मजबूत कर सकते हैं।सीधे पोर्टल से जुड़ाव: मंत्री ने आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर लॉगिन कर बेहद आसान स्टेप्स में अपना फॉर्म भरा।घर बैठे भागीदारी: उन्होंने जनता को संदेश दिया कि तकनीक के इस दौर में अपनी जिम्मेदारी निभाना अब उंगलियों के इशारे पर संभव है।

️ ‘विकसित भारत 2047’ का डिजिटल नक्शाप्रेस से रूबरू होते हुए मंत्री सुरेश सिंह रावत ने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना सिर्फ सिरों को गिनने का काम नहीं है, बल्कि यह देश के कल की तस्वीर है।भविष्य की बुनियाद: इसी डेटा के आधार पर आगामी दशकों के लिए पानी, बिजली, स्कूल और अस्पतालों की योजनाएं बनेंगी।2047 का लक्ष्य: उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘विकसित भारत 2047’ का जो सपना हम सब देख रहे हैं, उसकी मजबूत नींव इसी डिजिटल जनगणना से होकर गुजरती है।
️ डायरी में नोट करें ये जरूरी तारीखें (राजस्थान)राजस्थान के रणबांकुरों के लिए जनगणना का यह शेड्यूल बेहद खास है:1 मई से 15 मई (स्व-गणना का सुनहरा मौका): इस अवधि में आप खुद se.census.gov.in पर जाकर अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं।16 मई से (प्रगणकों की दस्तक): इसके बाद सरकारी कर्मचारी (Enumerators) घर-घर पहुंचेंगे और फिजिकल वेरिफिकेशन व मकान सूचीकरण का काम करेंगे।मंत्री रावत ने अंत में प्रदेशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि अपनी सही और सटीक जानकारी देकर इस डिजिटल महाअभियान को सफल बनाएं और देश की तरक्की में सीधे साझीदार बनें।




















































