लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
20 साल पुराना विवाद खत्म:
करौली। राजस्थान के करौली जिले स्थित पांचना बांध से आखिरकार पानी की निकासी शुरू हो गई है। करीब 20 वर्षों से चले आ रहे विवाद के समाधान और दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता होने के बाद प्रशासन ने बांध के कमांड क्षेत्र, कैचमेंट क्षेत्र तथा गंभीरी नदी के लिए पानी छोड़ने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
सबसे पहले नहरों और गंभीरी नदी में पानी की टेस्टिंग के उद्देश्य से नियंत्रित रूप से पानी छोड़ा गया। प्रशासन के अनुसार यह प्रक्रिया सफल रहने के बाद निर्धारित योजना के अनुसार आगे पानी की आपूर्ति की जाएगी।

मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और सुरेश रावत ने की पूजा अर्चना
मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और सुरेश रावत ने शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं पर 61 लाख रुपए की लागत आएगी। बांध से कैचमेंट और कमांड एरिया के ग्रामीणों को पानी मिलेगा और 13 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई का पानी मिलेगा। शिलान्यास से पहले विधिवत पूजा-अर्चना भी की गई। यह समारोह पहाड़ी गांव स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में आयोजित किया गया है।
इस फैसले से लगभग 1.25 लाख लोगों की पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, वहीं कमांड क्षेत्र के हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। लंबे समय से पानी का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह निर्णय बड़ी राहत लेकर आया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2006 के बाद से पांचना बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ने को लेकर कमांड और कैचमेंट क्षेत्र के किसानों के बीच लगातार विवाद बना हुआ था। यह मामला सरकार और प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बना हुआ था। कई वर्षों तक समाधान नहीं निकलने के बाद हाल ही में दोनों पक्षों की सहमति से लिखित समझौता कराया गया, जिसके आधार पर पानी की निकासी का रास्ता साफ हुआ।

पांचना बांध से पानी छोड़े जाने के साथ ही वर्षों पुराना गतिरोध समाप्त हो गया है। इसे सरकार और प्रशासन की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल पेयजल संकट कम होगा, बल्कि कृषि उत्पादन को भी नई गति मिलेगी। स्थानीय लोगों और किसानों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।















































