लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सत्यनारायण सेन, गुरला | भीलवाड़ा।
भीलवाड़ा। नववर्ष के आगमन से पहले ही देशभर के प्रसिद्ध मंदिरों और पिकनिक स्पॉट्स पर श्रद्धालुओं व पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि कई जगह पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। रविवार को जहां प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर अघोषित मेले जैसा माहौल दिखा, वहीं सोमवार को भी दिनभर रौनक बनी रही। भीड़ के कारण स्थानीय लोगों को भी आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति को देखते हुए कई प्रसिद्ध मंदिरों में वीआईपी पास व्यवस्था बंद कर दी गई है, जबकि कुछ स्थानों पर 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक दर्शन के लिए नहीं आने की सलाह दी जा रही है।
भीड़ से दूर नया विकल्प बना गुरला
भीड़भाड़ से दूर सुकून के पल बिताने के लिए भीलवाड़ा जिले से करीब 18 किलोमीटर दूर स्थित गुरला का कालिका माता मंदिर एक उभरता हुआ दर्शनीय स्थल बनकर सामने आया है। हरी-भरी पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यहां से दूर-दूर तक फैला मनमोहक प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
दिसंबर माह में रणजीत सागर तालाब का ओवरफ्लो पानी चादर की तरह बहता नजर आता है, जो दृश्य को और भी रमणीय बना देता है। यह स्थान भीड़ से दूर होने के कारण सेल्फी पॉइंट के रूप में भी लोगों की पसंद बन रहा है।
युवा वर्ग की बढ़ी आमद
राजस्थान के प्रसिद्ध मंदिरों और पिकनिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों में अधिकांश युवा और शिक्षित वर्ग शामिल है। आंकड़ों के अनुसार करीब 80 प्रतिशत लोग 45 वर्ष से कम आयु के हैं। इनमें राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
नववर्ष पर शांति और प्रकृति के बीच समय बिताने के इच्छुक लोगों के लिए गुरला कालिका माता मंदिर एक बेहतर और शांत विकल्प के रूप में उभर रहा है।


















































