लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
CM भजनलाल ने गिनाईं सरकार की योजनाएं
जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिलाएं परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार हैं। महिलाओं का सम्मान और सशक्तीकरण किसी भी सभ्य समाज की पहचान है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की मातृशक्ति की प्रतिबद्धता, परिश्रम और सामूहिक शक्ति प्रदेश को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री शनिवार को यूनिवर्सिटी कॉमर्स कॉलेज में आयोजित नारी शक्ति सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति को सदैव सम्मान दिया गया है। मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी शक्ति, ज्ञान एवं समृद्धि की प्रतीक हैं।
अहिल्याबाई, रानी लक्ष्मीबाई और सावित्रीबाई फुले का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का इतिहास महिलाओं के साहस, त्याग और बलिदान की गाथाओं से भरा है। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के प्रशासन और न्यायप्रियता, रानी लक्ष्मीबाई के साहस तथा सावित्रीबाई फुले के महिला शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को उन्होंने प्रेरणादायी बताया।
उन्होंने राजस्थान की मीराबाई, पन्नाधाय, हाड़ी रानी, वीर बाला कालीबाई और अमृता देवी का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महिलाओं ने भक्ति, कर्तव्य, साहस, बलिदान और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मिसाल कायम की।
केंद्र की योजनाओं से महिलाओं को मिला लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में महिला सशक्तीकरण की दिशा में कई योजनाएं लागू की गई हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, लखपति दीदी और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी योजनाओं से महिलाओं के जीवन में बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को नेतृत्व में भागीदारी देने के उद्देश्य से नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी पहल भी की गई है।
राजस्थान में महिलाओं के लिए कई योजनाएं
मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मिलने वाली राशि को 5 हजार से बढ़ाकर 6,500 रुपये किया गया है। मा वाउचर योजना के तहत सोनोग्राफी के लिए अब तक 5 लाख 74 हजार कूपन जारी किए जा चुके हैं। पात्र परिवारों को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 13 लाख 85 हजार साइकिलों का वितरण किया गया है। कालीबाई उच्च शिक्षा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत करीब 46 हजार स्कूटियां वितरित की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के तहत करीब 19 लाख पेंशनर्स को 8,866 करोड़ रुपये की पेंशन राशि दी जा चुकी है। वहीं, लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत गरीब परिवारों में बालिका के जन्म पर 1.50 लाख रुपये का सेविंग बॉण्ड दिया जा रहा है।
1.22 करोड़ महिलाओं और बालिकाओं को निशुल्क सैनिटरी नैपकिन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, शिशु पालना गृह कार्यकर्ताओं और साथिनों के मानदेय में पिछले तीन वर्षों में हर साल 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। राज्य की करीब 1 करोड़ 22 लाख महिलाओं एवं बालिकाओं को हर माह 12 सैनिटरी नैपकिन निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
लखपति दीदी योजना के तहत 26 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है और करीब 20 लाख महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में लाई जा चुकी हैं।
60 एम्बुलेंस और 185 ऑटो टिपर को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को सौगातें दीं। उन्होंने एनएचएम के तहत 60 एम्बुलेंस, 9 आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर और 185 ऑटो टिपर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही लखपति दीदियों को स्कूटी की चाबियां सौंपीं।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थियों को मकानों की चाबी दी गई तथा 27 हजार से अधिक लाभार्थियों को 150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत 29,222 लाभार्थियों को 8.79 करोड़ रुपये की राशि भी डीबीटी के जरिए दी गई।
महिला स्वयं सहायता समूहों को 118 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण
राजस्थान महिला निधि के तहत मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना में 3,274 लखपति दीदियों को 25 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। वित्तीय समावेशन के तहत 2,823 स्वयं सहायता समूहों को 93 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया।
इसके अलावा 3,300 स्वयं सहायता समूहों को 25 करोड़ रुपये की आजीविका संवर्धन राशि से लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने लाभार्थी महिलाओं से संवाद कर योजनाओं से उनके जीवन में आए बदलावों की जानकारी भी ली।
विकसित राजस्थान के संकल्प में महिलाओं की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा एवं महेंद्रपाल मीणा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। प्रदेश के विभिन्न जिलों से महिलाएं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़ीं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल भी वीसी के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।























































