लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जो राष्ट्र नई तकनीक और नवाचारों में अग्रणी बनते हैं, वही विश्व में नेतृत्व करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत को केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनना होगा। प्रौद्योगिकी ही समृद्धि, सुरक्षा और सम्मान की कुंजी है।
मुख्यमंत्री ने यह बात मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) जयपुर के 19वें दीक्षांत समारोह में कही। इस अवसर पर उन्होंने बी.टेक, एम.टेक, एमएससी, एमबीए एवं आर्किटेक्चर और प्लानिंग में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 21 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल पहनाकर डिग्रियां प्रदान की और हिन्दी भाषा में लिखे गए टेक्निकल जर्नल का विमोचन भी किया।
शर्मा ने कहा कि एमएनआईटी नवाचार, उद्यमिता और वैश्विक स्तर के अनुसंधान के माध्यम से राजस्थान का नाम ऊंचा कर रहा है। युवाओं को अपनी प्रतिभा का उपयोग करके भारत को तकनीक का निर्माता बनाना होगा। उन्होंने आगे कहा कि एमएनआईटी का एन.आई.आर.एफ. की रैंकिंग में उत्तर भारत के शीर्ष एन.आई.टी. के रूप में स्थान प्राप्त करना गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म पर डिग्रियां अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू करने और नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रशिक्षण देने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 150 से अधिक विद्यार्थी डॉक्टरेट उपाधि प्राप्त कर रहे हैं और 30 से अधिक दिव्यांग विद्यार्थी स्नातक हुए हैं। संस्थान में 77 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों का प्रवेश हुआ है।
शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और आने वाले दो दशकों में दुनिया की शीर्ष आर्थिक ताकतों में शामिल होगा। उन्होंने स्टार्टअप पॉलिसी और अर्ली कैरियर प्रोग्राम (टेकबी) जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का महत्व बताया।
इस अवसर पर एमएनआईटी जयपुर के निदेशक नारायण प्रसाद पाढ़ी सहित संस्थान के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।