लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
राजस्थान बन रहा नगरीय विकास की नई पहचान
जयपुर : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राजस्थान में नगरीय बुनियादी ढांचे का विकास तेज़ गति से हो रहा है। नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के निर्देशन में स्वायत्त शासन विभाग ने आरयूआईडीपी परियोजनाओं के माध्यम से सीवरेज, जलप्रदाय, ड्रेनेज और शहरी सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किए हैं।
आरयूआईडीपी के तहत एशियन विकास बैंक द्वारा वित्त पोषित शहरी क्षेत्रों में आधारभूत विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसमें 70% वित्त पोषण एशियन विकास बैंक द्वारा और 30% राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। इन परियोजनाओं ने न केवल शहरों की स्वच्छता और जीवन स्तर में सुधार किया है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी राज्य को नई पहचान दी है।
शहरी स्वच्छता और जल आपूर्ति ढांचा मजबूत
आरयूआईडीपी चतुर्थ चरण ट्रेंच-1 के तहत 3,076.63 करोड़ रुपये की लागत से 14 शहरों में सीवरेज और जलप्रदाय तथा 12 शहरों में एफएसएसएम (फीकल स्लज एंड सैप्टेज मैनेजमेंट) कार्य किए जा रहे हैं।
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अब तक 6 शहरों में कार्य पूर्ण: लक्ष्मणगढ़ (जलप्रदाय), फतेहपुर, प्रतापगढ़, डीडवाना, मकराना (सीवरेज) और मंडावा (सीवरेज एवं जलप्रदाय)।
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शेष 8 शहरों में प्रगति: सिरोही, आबूरोड, सरदारशहर, बांसवाड़ा, खेतड़ी, कुचामन (सीवरेज एवं जलप्रदाय), रतनगढ़ और लाडनूं (सीवरेज)।
एफएसएसएम कार्यों में बांदीकुई, दौसा, जोबनेर और नीमकाथाना में कार्य पूर्ण हो चुके हैं। परियोजना पर सितंबर 2025 तक 2,302 करोड़ रुपये का व्यय हो चुका है, जिससे लगभग 18 लाख लोग लाभान्वित होंगे।
समग्र शहरी विकास का विस्तार
आरयूआईडीपी चतुर्थ चरण ट्रेंच-2 के तहत 2,450 करोड़ रुपये की लागत से 16 शहरों में सीवरेज, जलप्रदाय, ड्रेनेज और शहरी सौंदर्यीकरण कार्य प्रगति पर हैं।
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सीवरेज व जलप्रदाय: नोखा, बूंदी, डूंगरपुर, बालोतरा, सागवाड़ा
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जलप्रदाय: निंबाहेड़ा, नाथद्वारा
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सीवरेज: जोधपुर, बाड़मेर, भरतपुर
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ड्रेनेज: जोधपुर, नवलगढ़, रतनगढ़, बूंदी, भवानीमंडी
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शहरी सौंदर्यीकरण: भरतपुर, सागवाड़ा, पुष्कर, जैसलमेर
अब तक 1,995 करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं और 984 करोड़ रुपये व्यय हो चुका है, जिससे लगभग 31 लाख लोग सीधे लाभान्वित होंगे।
सीवरेज, जलप्रदाय और स्वच्छता में मील का पत्थर
वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर और झालावाड़-झालरापाटन में 602 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज के तीन बड़े कार्य पूरे हुए, जिससे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिला।
आरयूआईडीपी तृतीय चरण में पाली, झुन्झुनु, टोंक, उदयपुर, माउंट आबू, बीकानेर, कोटा, सवाईमाधोपुर, झालावाड़-झालरापाटन, भीलवाडा और बांसवाडा में सीवरेज, जलप्रदाय और ड्रेनेज कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने “स्वच्छ, सुंदर और समृद्ध शहरों” का संकल्प धरातल पर उतारा है। सीवरेज, जलप्रदाय, ड्रेनेज और एफएसएसएम जैसी परियोजनाएं शहरों की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनजीवन को सुविधाजनक बनाने में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।
राजस्थान अब नगरीय बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

















































