लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। सांगानेर विधानसभा का मांगियावास रोड़ स्थित सड़क पर इंजिनियरों ने सड़क पर खड़े बिजली, टेलिफोन के खंबों हटाए बगैर सड़क के बीचों बीच होने के बावजूद सड़क पर डामरीकरण कर दिया। जबकि इन खंबों से बिजली के तार पहले ही हट चुके थे। टेलिफोन के खंबे पर भी इंटरनेट की लाइन खिंची हुई थी। बिजली के खंबे सड़क के बीचों- बीच आ रहे थे लेकिन इसके बावजूद यहां जेडीए अधिकारियों और ठेकेदार के आदमियों ने कभी इस पर गौर ही नहीं किया और सड़क बना दी। सड़क निर्माण कार्य यहां पर एक ही कंपनी के पास है। मांगियावास, मान्यावास में सड़क बनाने , सीवर डालने का काम एक ही कंपनी के होने के कारण यहां सड़कें तो बना दी गई लेकिन कहीं भी नियम कायदों का ख्याल नहीं रखा गया। हालात ये है कि ये तो बिजली के खंबे पहले से ही खड़े थे इसके बावजूद इन्हें हटाने की बजाए ठेकेदार ने सड़क बनाकर उसका डामरीकरण कर दिया। 
हादसों को आमंत्रण
सड़क के बीचों- बीच बिजली और टेलिफोन के खंबे होने के कारण इससे हादसे होने का डर सता रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सड़क के लिए लेवलिंग का काम चल रहा था तब ठेकेदार के आदमियों को बोला गया था पहले सड़क के बीच से खंबे हटाकर सड़क बनाओ जिससे कोई इस मार्ग से आवाजाही कर सके। लेकिन ठेकेदार और अधिकारियों को तो बिल पास कराने से मतलब है। जनता को क्या परेशानी होगी या हो रही इससे कोई लेना देना नहीं है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का इलाका
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का इलाका होने के बावजूद ठेकेदार और जेडीए अधिकारियों की लापरवाही साफ तौर पर देखी जा रही है। ये सड़क किसी गांव देहात की नहीं है । जयपुर के मानसरोवर से सटे हुए मांगियावास रोड़ की है। यह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विधानसभा क्षेत्र है जहां पुरे विपक्ष की नजर रहती है। मीडिया की भी नजर रहती है इसके बावजूद इस ठेकेदार ने किसी की परवाह नहीं की। जबकि वो सड़क डालते समये तारविहीन खंबों को जेसीबी से भी हटाकर पटक सकता था लेकिन ये लापरवाही की हद जिसने न मुख्यमंत्री की परवाह की और ना आम जनता को होने वाली परेशानी की।
















































