लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राजस्थान पुलिस की 317 महिला प्रशिक्षुओं ने पूरा किया प्रशिक्षण
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जयपुर (आर. एन. सांवरिया) – राजस्थान पुलिस अकादमी में 8 दिसंबर को आयोजित भव्य दीक्षांत परेड में 317 महिला कांस्टेबल (241 राजस्थान पुलिस व 76 दूरसंचार विभाग) ने प्रशिक्षण पूरा किया। समारोह के मुख्य अतिथि डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने परेड की सलामी ली और इसे महिला सशक्तिकरण का सशक्त संदेश बताया।
डीजीपी शर्मा का परेड द्वारा स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज व पुलिस कलर पार्टी का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में रिटायर्ड डीजीपी पी.एस. बैंस, के.एल. बैरवा, डीजी लॉ एंड ऑर्डर संजय अग्रवाल, डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आरपीए निदेशक संजीब कुमार नार्जारी और अतिरिक्त निदेशक शंकर दत्त शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया।
“न्याय सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं, पीड़ित को सम्मान और राहत भी” – डीजीपी शर्मा
डीजीपी शर्मा ने नए आपराधिक कानूनों की विशेषताएँ बताते हुए कहा कि ये कानून नागरिकों के लिए बनाए गए हैं और 21वीं सदी का सबसे बड़ा न्यायिक सुधार हैं। इनके पूर्ण क्रियान्वयन के बाद किसी भी मामले का फैसला तीन वर्ष के भीतर सुप्रीम कोर्ट तक संभव होगा। महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध अपराधों से निपटने के लिए इन कानूनों में अलग अध्याय जोड़ा गया है।
राजस्थान पुलिस नए कानूनों के क्रियान्वयन में अग्रणी
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में राजस्थान पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।
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1500+ अनुसंधान अधिकारी मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित
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आईगोट “कर्मयोगी पोर्टल” पर 80,000 पुलिसकर्मी रजिस्टर्ड
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नए कानूनों पर आधुनिक प्रशिक्षण निरंतर जारी
तकनीक आधारित पुलिसिंग की आवश्यकता
डीजीपी शर्मा ने कहा कि पुलिस को डेटा एनालिसिस, साइबर पेट्रोलिंग, नई भाषाएँ सीखने और तकनीक आधारित कार्य संस्कृति अपनानी होगी। साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों को तकनीकी दक्षता पर फोकस करना आवश्यक है।
जनता की सेवा ही पुलिस का मूल धर्म
प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि
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न्याय का अर्थ सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं
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पीड़ित को सम्मान, सुरक्षा और त्वरित राहत देना भी उतना ही ज़रूरी
उन्होंने पुलिस सेवाओं को जनकल्याण का माध्यम बताते हुए संवेदनशील व नैतिक व्यवहार की अपेक्षा की।
14 महिला पुलिसकर्मियों को सम्मान
समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 12 महिला प्रशिक्षुओं को स्मृति चिन्ह व प्रशंसा पत्र,
साथ ही आरपीए की महिला प्रशिक्षक निरीक्षक रजनी मीणा और मीना वर्मा को भी सम्मानित किया गया।