लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राजस्थान में 2.55 करोड़ से अधिक लोगों को मिला ₹2.18 लाख करोड़ का ऋण
जयपुर। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना राजस्थान में स्वरोजगार और छोटे कारोबार को नई मजबूती देने का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। प्रदेश में लघु उद्योगों, छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी संचालकों, कारीगरों और स्वरोजगार से जुड़े लाखों लोगों को बिना गारंटी के संस्थागत ऋण उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य में अब तक 2 करोड़ 55 लाख 91 हजार 381 लाभार्थियों को 2 लाख 18 हजार 423 करोड़ रुपये का प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण स्वीकृत किया जा चुका है।
महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही है। प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 54 लाख 15 हजार से अधिक महिलाओं को 67 हजार 982 करोड़ रुपये से अधिक का मुद्रा ऋण मिला है। कुल लाभार्थियों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत रही, जो महिला उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में योजना की सफलता को दर्शाती है।
वर्ष 2025-26 में 23.74 लाख से अधिक लाभार्थियों को मिला ऋण
वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही राजस्थान में 23 लाख 74 हजार से अधिक लाभार्थियों को 31 हजार 460 करोड़ रुपये का मुद्रा ऋण वितरित किया गया। इससे हजारों नए उद्यम शुरू हुए और छोटे कारोबारों को विस्तार देने में मदद मिली।
बिना गारंटी ऋण से बढ़ा स्वरोजगार
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत गैर-कार्पोरेट और सूक्ष्म उद्यमों को 20 लाख रुपये तक का ऋण बिना किसी गारंटी के उपलब्ध कराया जाता है। वर्ष 2015 में शुरू की गई इस योजना में लाभार्थी अपनी आवश्यकता के अनुसार शिशु, किशोर, तरुण और तरुण प्लस श्रेणियों में ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
साहूकारों पर निर्भरता हुई कम
योजना का सबसे बड़ा लाभ यह रहा कि अब छोटे कारोबारियों और जरूरतमंद लोगों को साहूकारों या अनौपचारिक उधारदाताओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है। संस्थागत बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से उन्हें आसान ऋण मिलने से वे कम ब्याज दर पर अपना व्यवसाय शुरू या विस्तारित कर पा रहे हैं।
हर छोटे व्यवसाय को मिल रहा लाभ
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से विनिर्माण इकाइयों, दुकानदारों, फल एवं सब्जी विक्रेताओं, ट्रक और टैक्सी ऑपरेटरों, खाद्य सेवा इकाइयों, मशीन ऑपरेटरों, कारीगरों, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों तथा रेहड़ी-पटरी संचालकों सहित लाखों लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इससे रोजगार सृजन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
देशभर में भी योजना का बड़ा प्रभाव
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक अतारांकित प्रश्न के उत्तर में बताया कि जून 2026 तक प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत देशभर में 59 करोड़ 14 लाख से अधिक लाभार्थियों को 41 लाख 71 हजार करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र को बिना गारंटी संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सामाजिक और आर्थिक बदलाव का माध्यम
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना केवल एक ऋण योजना नहीं, बल्कि छोटे उद्यमियों, महिलाओं और वंचित वर्गों को आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के बड़ी संख्या में लाभार्थियों तक इसकी पहुंच ने स्वरोजगार को बढ़ावा दिया है और लाखों परिवारों को आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है।


















































