लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राजस्थान से वरिष्ठ संवाददाता : नितिन मेहरा
मेयर की ‘ओपन’ सीट ने बढ़ाया दिग्गजों का ब्लड प्रेशर
जोधपुर। सूर्य नगरी जोधपुर में इस बार मानसून के साथ-साथ सियासी पारा भी उफान पर है। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निगम चुनाव का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है, जिसके बाद शहर के 100 वार्डों में चुनावी बिगुल पूरी तरह बज चुका है। नाम वापसी का समय खत्म होने के बाद अब मैदान में कुल 385 सूरमा बचे हैं। इस बार महापौर (मेयर) की कुर्सी किसी खास वर्ग के लिए लॉक नहीं है, बल्कि ‘सामान्य ओपन’ है। इसी एक नियम ने दोनों प्रमुख पार्टियों—बीजेपी और कांग्रेस के बड़े-बड़े क्षत्रपों को खुद पार्षद का चुनाव लड़ने पर मजबूर कर दिया है।
डायरी में नोट कर लें ये 4 बड़ी तारीखें
अगर आप जोधपुर के वोटर हैं या इस चुनाव पर नजर रख रहे हैं, तो निर्वाचन आयोग का यह टाइम-टेबल आपके लिए सबसे जरूरी है:
11 सितंबर 2026: यह वह दिन होगा जब जोधपुर की जनता अपने-अपने वार्डों में पार्षदों को चुनने के लिए सुबह से शाम तक वोट डालेगी।
14 सितंबर 2026: वोटिंग के ठीक तीन दिन बाद वोटों की गिनती होगी और उसी दिन तय हो जाएगा कि किस वार्ड से किसने बाजी मारी।
21 सितंबर 2026: जीते हुए सभी पार्षद मिलकर जोधपुर के नए ‘कैप्टन’ यानी महापौर (Mayor) का चुनाव करेंगे।
22 सितंबर 2026: इसके अगले दिन उपमहापौर (Deputy Mayor) का चुनाव होते ही नई नगर सरकार का गठन पूरा हो जाएगा।
कांग्रेस का ‘गहलोत गढ़’ बचाने का प्लान
चूंकि जोधपुर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह क्षेत्र है, इसलिए कांग्रेस इस बोर्ड को अपनी साख का सवाल मानकर चल रही है। मेयर पद के लिए कांग्रेस में इन चेहरों की चर्चा सबसे तेज है:
कुंती देवड़ा (वार्ड 99): पूर्व में उत्तर नगर निगम की कमान संभाल चुकीं कुंती देवड़ा को पार्टी ने फिर मौका दिया है। पुराना अनुभव और गांधी परिवार के करीबियों में गिनती होना इनकी सबसे बड़ी ताकत है।
नरेश चंद्र जोशी (वार्ड 40): संगठन को उंगलियों पर नचाने वाले पूर्व शहर जिला अध्यक्ष नरेश जोशी को भी पार्टी अंदरखाने मेयर का मजबूत चेहरा मान रही है।
ओमकार वर्मा (वार्ड 42): वर्तमान शहर जिला अध्यक्ष ओमकार वर्मा खुद चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे यह साफ है कि वे सिर्फ चुनाव लड़ाने के मूड में नहीं हैं, बल्कि सीधे मुख्य कुर्सी पर नजर गड़ाए हुए हैं।
बीजेपी का ‘सत्ता परिवर्तन’ वाला दांव
राज्य सरकार की ताकत के दम पर भाजपा इस बार जोधपुर निगम में अपना बोर्ड बनाकर कांग्रेस के इस पारंपरिक गढ़ को ढहाना चाहती है। बीजेपी के मजबूत चेहरे ये हैं:
कमलेश पुरोहित (वार्ड 25): पूर्व यूआईटी ट्रस्टी और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के बेहद करीबी माने जाने वाले पुरोहित बीजेपी की तरफ से मेयर पद की रेस में सबसे आगे दौड़ रहे हैं।
मेघराज लोहिया (वार्ड 42): पूर्व राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त लोहिया इस चुनाव के सबसे अमीर प्रत्याशी हैं। वार्ड 42 में इनका मुकाबला सीधे कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ओमकार वर्मा से है। जो इस मुकाबले को जीतेगा, उसका मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है।
देवेन्द्र सालेचा (वार्ड 40): पूर्व उपमहापौर देवेन्द्र सालेचा वार्ड 40 में नरेश जोशी के सामने खड़े हैं। सालेचा का पुराना प्रशासनिक और निगम का अनुभव पार्टी के काम आ सकता है।
डिप्टी मेयर की रेस और ‘बागी’ बिगाड़ेंगे खेल
मेयर सामान्य वर्ग से बनने की स्थिति में उपमहापौर (डिप्टी मेयर) की कुर्सी के लिए दोनों पार्टियां ओबीसी (OBC) या अल्पसंख्यक चेहरों पर दांव खेलेंगी। बीजेपी ने इस बार नगेंद्र सिंह जैसे कई 30-वर्षीय ‘जेन-जी’ युवाओं को उतारा है, जो डिप्टी मेयर की लाइन में हैं।
हालाँकि, आरएलपी (RLP) के संपत पूनिया का दावा है कि दोनों पार्टियों के बागी और निर्दलीय मिलकर इस बार ‘किंगमेकर’ बनेंगे। यदि किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, तो डिप्टी मेयर का पद निर्दलीयों की झोली में भी जा सकता है।
