लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता और कांग्रेस के राजेंद्र सोलंकी ने दाखिल किया नामांकन, निर्दलीय पार्षदों पर टिकी निगाहें
जोधपुर। नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद अब महापौर पद को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। दोनों दल अपने-अपने समर्थन और राजनीतिक समीकरणों के आधार पर महापौर पद पर दावा पेश कर रहे हैं। वहीं निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है।
जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों के चुनाव परिणाम में भाजपा और कांग्रेस को 44-44 सीटें मिली थीं। इसके बाद निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से बोर्ड गठन के समीकरण बदल गए। भाजपा ने सात निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिलने के बाद अपने खेमे में 52 पार्षदों का दावा किया है।
कांग्रेस ने राजेंद्र सोलंकी पर लगाया दांव
महापौर पद के लिए कांग्रेस ने पूर्व जेडीए अध्यक्ष राजेंद्र सोलंकी को प्रत्याशी बनाया है। सोलंकी ने समर्थकों के साथ नगर निगम पहुंचकर नामांकन दाखिल किया। कांग्रेस की ओर से उनके नाम को लेकर ‘हाइब्रिड’ रणनीति के तहत राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा ने प्रसन्नचंद मेहता को बनाया प्रत्याशी
वहीं भाजपा में महापौर पद के लिए कई नामों पर मंथन के बाद प्रसन्नचंद मेहता के नाम पर सहमति बनी। वार्ड 82 से निर्वाचित मेहता ने भी समर्थकों के साथ नगर निगम पहुंचकर महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल किया।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब दोनों दल अपने-अपने पार्षदों और समर्थक पार्षदों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। निर्दलीय पार्षदों के रुख और संभावित राजनीतिक समीकरणों पर भी नजर बनी हुई है।
25 सितंबर को होगा फैसला
महापौर पद के लिए 25 सितंबर को चुनाव और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे। इसके बाद 26 सितंबर को उपमहापौर का चुनाव होगा।
अब जोधपुर नगर निगम की राजनीति का अगला बड़ा पड़ाव 25 सितंबर होगा, जब मतदान के बाद महापौर पद का औपचारिक फैसला सामने आएगा।





















































