लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
डोटासरा-जूली समेत हजारों कार्यकर्ता जुटे; खाचरियावास बोले- ‘गोली का जवाब गोली से देंगे’
भाजपा सरकार के खिलाफ ‘हिसाब मांगो’ आंदोलन में कांग्रेस ने घेरा नगर निगम, टूटी सड़क, पानी, सफाई, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर साधा निशाना; वाटर कैनन के बीच बैरिकेड पर बैठे खाचरियावास ने मुख्यमंत्री को दी चेतावनी
जयपुर। राजस्थान में भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने गुरुवार को राजधानी जयपुर में बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन किया। जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम का घेराव कर प्रदेश सरकार और शहर की व्यवस्थाओं पर जमकर सवाल उठाए। ‘हिसाब मांगो’ अभियान के तहत आयोजित प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, विधायक अमीन कागजी, रफीक खान समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में प्रदेश की जनता को बदहाल व्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने टूटी सड़कों, जगह-जगह जाम, पानी की समस्या, बदहाल सफाई व्यवस्था, भ्रष्टाचार और बढ़ते अपराध को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने को शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा गया। वहीं, आगामी नगर निगम चुनावों को देखते हुए इस प्रदर्शन के राजनीतिक महत्व की भी चर्चा रही।

नगर निगम का घेराव, सड़कों से लेकर पानी तक सरकार को घेरा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जयपुर जैसे प्रदेश की राजधानी में भी लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। शहर में टूटी सड़कों, जलभराव, यातायात जाम, सफाई व्यवस्था और पेयजल से जुड़ी समस्याओं को लेकर सरकार और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए।
कांग्रेस का आरोप रहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में आम जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय व्यवस्थाएं लगातार बिगड़ती गई हैं।
इसी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में नगर निगम मुख्यालय की ओर बढ़े और घेराव किया।
वाटर कैनन से रोका गया प्रदर्शनकारियों को
नगर निगम घेराव के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और आगे बढ़ने की कोशिशों के बीच पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
पानी की तेज बौछारों के बावजूद प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे। प्रदर्शन स्थल पर कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण भी नजर आया।
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास इस दौरान पुलिस बैरिकेडिंग पर बैठ गए और वहीं से अपने समर्थकों को संबोधित किया।

खाचरियावास के तीखे तेवर, मुख्यमंत्री को दी चुनौती
प्रदर्शन के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पृथ्वीराज नगर में मकानों को तोड़े जाने के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री को चुनौती दी।
खाचरियावास ने कहा कि यदि पृथ्वीराज नगर में एक भी मकान तोड़ा गया तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का जाना भी तय है। उन्होंने केंद्र सरकार में मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का उदाहरण देते हुए सरकार को राजनीतिक परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
अपने संबोधन के दौरान खाचरियावास ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि “गोली का जवाब गोली से और डंडे का जवाब डंडे से देंगे।”
उनके इस बयान के बाद प्रदर्शन का राजनीतिक तापमान और बढ़ गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए खाचरियावास का समर्थन किया।

डोटासरा और जूली ने भी सरकार पर साधा निशाना
प्रदर्शन को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी संबोधित किया।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर जनहित के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी, सफाई और कानून-व्यवस्था जैसे बुनियादी मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
डोटासरा और जूली ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से जनता से जुड़े मुद्दों पर लगातार संघर्ष करने का आह्वान किया।
विधायक रफीक खान और अमीन कागजी ने भी प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जयपुर की स्थानीय समस्याओं और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
सुनील शर्मा के नेतृत्व में दिखी बड़ी भीड़
जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने इसे जनता की आवाज उठाने वाला बड़ा आंदोलन बताया।
वहीं राजनीतिक गलियारों में इस भीड़ को सुनील शर्मा के शक्ति प्रदर्शन से जोड़कर भी देखा जा रहा है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को एकजुट कर सड़क पर उतारना उनके संगठनात्मक प्रभाव के प्रदर्शन के रूप में देखा गया।
नगर निगम चुनाव की आहट के बीच शक्ति प्रदर्शन
इस प्रदर्शन का एक अहम राजनीतिक पहलू आगामी नगर निगम चुनाव भी माना जा रहा है। जयपुर में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पार्षद के टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। इसके अलावा संगठन में पद पाने की उम्मीद रखने वाले नेता और कार्यकर्ता भी सक्रिय नजर आ रहे हैं।
ऐसे में नगर निगम घेराव कांग्रेस के लिए सिर्फ सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नहीं रहा, बल्कि शहर में पार्टी के जमीनी संगठन और संभावित दावेदारों की सक्रियता दिखाने का मंच भी बन गया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में संभावित पार्षद प्रत्याशियों, स्थानीय नेताओं और कांग्रेस पदाधिकारियों की मौजूदगी ने इस राजनीतिक चर्चा को और हवा दी।
‘हिसाब मांगो’ अभियान में कांग्रेस का संदेश
कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को भाजपा सरकार से ढाई साल के कार्यकाल का हिसाब मांगने से जोड़ा। पार्टी का कहना है कि प्रदेश की जनता टूटी सड़कों, पानी की किल्लत, सफाई व्यवस्था, यातायात जाम, भ्रष्टाचार और अपराध जैसी समस्याओं से परेशान है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजधानी जयपुर की स्थिति ही सरकार की कार्यप्रणाली की तस्वीर दिखाती है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि जनसमस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सड़क पर संघर्ष बनाम सत्ता से हिसाब मांगने की राजनीति
जयपुर नगर निगम का यह घेराव कांग्रेस के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। एक ओर पार्टी ने भाजपा सरकार को स्थानीय और प्रदेश स्तर के मुद्दों पर घेरने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर शहर कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक ताकत भी दिखाई।
हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी, वरिष्ठ नेताओं का एक मंच पर आना, पुलिस की बैरिकेडिंग और वाटर कैनन के बीच प्रदर्शन तथा खाचरियावास के आक्रामक तेवरों ने इसे सामान्य विरोध प्रदर्शन से आगे बढ़ाकर बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम बना दिया।
अब देखना यह होगा कि कांग्रेस का यह आंदोलन सिर्फ एक दिन के प्रदर्शन तक सीमित रहता है या आने वाले दिनों में इसे शहर की स्थानीय समस्याओं और आगामी नगर निगम चुनाव की राजनीति से जोड़कर बड़े आंदोलन का रूप दिया जाता है।
















































