लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रितू मेहरा संवाददाता-
जयपुर में कल लोकतंत्र का सबसे बड़ा स्थानीय मुकाबला, EVM में कैद होगा 723 प्रत्याशियों का भविष्य; 14 सितंबर को आएगा फैसला
जयपुर। गुलाबी नगरी में शुक्रवार को सियासत का सबसे बड़ा स्थानीय इम्तिहान होने जा रहा है। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए कल मतदान होगा। कुल 723 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं और 24 लाख 33 हजार 121 मतदाता इन प्रत्याशियों की जीत-हार का फैसला करेंगे।
मतदान को लेकर जिला निर्वाचन शाखा ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। गुरुवार सुबह से ही मतदान दल जयपुर के भवानी निकेतन स्थित केंद्र से चुनाव सामग्री और EVM लेकर अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुए। मतदान दलों के बूथों तक पहुंचने के साथ ही शुक्रवार को होने वाले मतदान की अंतिम तैयारियां भी पूरी कर ली गईं।
2256 मतदान केंद्रों पर होगी वोटिंग
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए कुल 2256 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इन मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
पोलिंग पार्टियों को EVM के साथ मतदान संबंधी अन्य चुनाव सामग्री उपलब्ध कराई गई है। प्रशासन का फोकस मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने पर है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर संदेश नायक ने अधिकारियों और मतदान दलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने मतदान प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पूरी तरह पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
24.33 लाख मतदाता तय करेंगे 723 प्रत्याशियों की किस्मत
इस चुनाव में कुल 24 लाख 33 हजार 121 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
इनमें—
- 12 लाख 61 हजार 380 पुरुष मतदाता
- 11 लाख 71 हजार 649 महिला मतदाता
- 92 थर्ड जेंडर मतदाता
शामिल हैं।
इतने बड़े मतदाता वर्ग के लिए प्रशासन ने 2256 मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाएं की हैं। कई मतदाता ऐसे भी हैं जो पहली बार स्थानीय निकाय चुनाव में अपने वार्ड के पार्षद का चुनाव करेंगे।
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BJP-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला, निर्दलीयों ने बढ़ाए सियासी कोण
जयपुर के 150 वार्डों में इस बार मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच माना जा रहा है। हालांकि मैदान में 425 प्रत्याशी निर्दलीय या अन्य राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे हैं।
यही वजह है कि कई वार्डों में मुकाबला सीधा न होकर त्रिकोणीय और बहुकोणीय हो गया है।
कई वार्डों में बागी और निर्दलीय उम्मीदवार अधिकृत प्रत्याशियों के सामने चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए सिर्फ अपना प्रत्याशी जिताना ही चुनौती नहीं है, बल्कि बागियों और निर्दलीयों के कारण वोटों के संभावित बंटवारे को रोकना भी बड़ा सवाल है।
प्रचार खत्म, अब EVM करेगी फैसला
चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में भाजपा और कांग्रेस सहित तमाम दलों ने पूरी ताकत झोंक दी। बड़े नेताओं की सभाओं और जनसंपर्क के बाद अब प्रचार का शोर थम चुका है।
अब प्रत्याशियों की किस्मत EVM में कैद होगी।
शुक्रवार सुबह मतदान शुरू होते ही मतदाता अपने-अपने वार्ड के प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करेंगे। मतदान समाप्त होने के बाद EVM को निर्धारित स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा जाएगा।
इसके बाद प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की नजर 14 सितंबर पर टिक जाएगी।
14 सितंबर को खुलेगा EVM का राज
शुक्रवार को मतदान के बाद 14 सितंबर को मतगणना होगी। इसी दिन जयपुर नगर निगम के सभी 150 वार्डों के परिणाम घोषित किए जाएंगे।
मतगणना के साथ ही साफ हो जाएगा कि जयपुर नगर निगम की सत्ता की चाबी किस राजनीतिक दल के हाथ में जाती है और कितने वार्डों में निर्दलीय या अन्य दलों के प्रत्याशी जीतकर समीकरण बदलते हैं।
लेकिन कहानी सिर्फ पार्षदों की जीत-हार तक सीमित नहीं रहेगी।
150 वार्डों का फैसला तय करेगा मेयर की कुर्सी का रास्ता
जयपुर नगर निगम चुनाव का सबसे बड़ा सियासी आकर्षण इसके बाद होने वाले मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 सितंबर को मेयर पद के लिए चुनाव होगा, जबकि 22 सितंबर को डिप्टी मेयर का चुनाव कराया जाएगा।
यानी शुक्रवार को पड़ने वाला एक-एक वोट आगे चलकर जयपुर नगर निगम के सबसे बड़े राजनीतिक पद तक पहुंचने वाले रास्ते को प्रभावित करेगा।
किस पार्टी के कितने पार्षद जीतते हैं…
कितने निर्दलीय प्रत्याशी जीतते हैं…
कौन किस खेमे में जाता है…
और बोर्ड बनाने के लिए किसके पास बहुमत का आंकड़ा होगा…
इन सभी सवालों के जवाब 14 सितंबर को सामने आने शुरू होंगे।
कल वोट, 14 सितंबर को नतीजा और 21 सितंबर को मेयर का चुनाव
जयपुर में अब चुनावी तस्वीर बिल्कुल साफ है—
कल मतदान…
14 सितंबर को मतगणना…
21 सितंबर को मेयर का चुनाव…
और 22 सितंबर को डिप्टी मेयर का फैसला।
इसलिए शुक्रवार का मतदान सिर्फ 150 पार्षदों को चुनने का चुनाव नहीं है। यह जयपुर नगर निगम की अगली सत्ता की नींव रखने वाला मतदान है।
अब नजर 24 लाख से ज्यादा मतदाताओं पर है…
क्योंकि इनकी उंगली का एक वोट तय करेगा कि जयपुर के 150 वार्डों में कौन जीतेगा, नगर निगम का बोर्ड किसका बनेगा और आखिर मेयर की कुर्सी तक किसका रास्ता पहुंचेगा।
एक नजर में चुनाव
कुल वार्ड: 150
कुल प्रत्याशी: 723
कुल मतदाता: 24,33,121
पुरुष मतदाता: 12,61,380
महिला मतदाता: 11,71,649
थर्ड जेंडर: 92
मतदान केंद्र: 2256
मतदान: शुक्रवार
मतगणना: 14 सितंबर
मेयर चुनाव: 21 सितंबर
डिप्टी मेयर चुनाव: 22 सितंबर












































