Home latest हनुमान बेनीवाल कल भैराना धाम पर करेंगे महापंचायत

हनुमान बेनीवाल कल भैराना धाम पर करेंगे महापंचायत

0

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

भैराना धाम, बिचून (जयपुर)

 तपोभूमि को बचाने के लिए कल (27 मई) को होगा ‘शंखनाद’, जयपुर बॉर्डर पर अलर्ट की स्थिति।
 तपती धरा पर सुलग रहा है आक्रोश
बिचून (जयपुर): आस्था और पर्यावरण को बचाने का अटूट संकल्प लेकर बिचून के ऐतिहासिक भैराना धाम में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना आज 41वें दिन में प्रवेश कर गया है। 45 डिग्री से अधिक के झुलसा देने वाले तापमान और धूल भरी प्रचंड हवाओं के बीच भी संतों, किसानों और ग्रामीणों का यह पड़ाव डिगा नहीं है। पिछले चालीस दिनों की शांति के बाद अब यह शांतिपूर्ण आंदोलन एक विशाल जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।
आंदोलनकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि रीको औद्योगिक क्षेत्र के नाम पर धाम की पवित्रता और यहाँ के पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करने की हर प्रशासनिक साजिश का डटकर मुकाबला किया जाएगा।
वार्ताओं का नाटक खत्म, अब जनता करेगी फैसला
‘भैराना बचाओ संघर्ष समिति’ के पदाधिकारियों ने प्रशासन पर ‘समय काटने’ की राजनीति का बड़ा आरोप लगाया है। पिछले 41 दिनों में अधिकारियों के साथ हुई कई दौर की बैठकें केवल खोखले आश्वासनों तक ही सीमित रहीं। सरकार की तरफ से रीको प्रोजेक्ट को पूरी तरह निरस्त करने का कोई लिखित दस्तावेज न मिलने के कारण अब आंदोलनकारियों के सब्र का बांध पूरी तरह टूट चुका है।

धरना स्थल पहुंचे नारायण बेनीवाल, की धमाकेदार प्रेस कॉन्फ्रेंस
आंदोलन के 41वें दिन आज धरना स्थल पर राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मियां तेज हो गईं। पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल ने आज भैराना धाम पहुंचकर संतों और आंदोलनकारियों को अपना पूर्ण समर्थन दिया। धरना स्थल पर ही एक धमाकेदार प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने सरकार की जनविरोधी नीतियों पर जमकर प्रहार किए।
नारायण बेनीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा: > “यह लड़ाई सिर्फ एक जमीन के टुकड़े की नहीं, बल्कि हमारी सदियों पुरानी संस्कृति, आस्था और पर्यावरण को बचाने की अस्मिता की लड़ाई है। सरकार संतों के सब्र की परीक्षा लेना तुरंत बंद करे। मैं कल, 27 मई को होने वाली ‘धर्म-संस्कृति रक्षा महापंचायत’ में शामिल होने के लिए पूरे प्रदेश के युवाओं, किसानों और मातृशक्ति से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का करबद्ध आग्रह करता हूँ। इस दमनकारी नीति के खिलाफ कल हमें अपनी एकजुटता की ऐतिहासिक ताकत दिखानी होगी।”
* कल (27 मई): महापंचायत से तय होगी ‘जयपुर कूच’ की अंतिम रणनीति
चूंकि सरकार लगातार संवादहीनता की स्थिति बनाए हुए है, इसलिए संघर्ष समिति ने कल 27 मई 2026 को भैराना धाम के प्रांगण में ‘धर्म-संस्कृति रक्षा महापंचायत’ का शंखनाद कर दिया है।
महा-मंथन: कल होने वाली इस महापंचायत में देश भर के प्रमुख अखाड़ों के संत, पर्यावरणविद् और सर्वसमाज के दिग्गज नेता अंतिम रणनीति तैयार करेंगे।
जनसैलाब की चेतावनी: यदि कल सुबह तक सरकार ने रीको का फैसला लिखित में वापस नहीं लिया, तो उसी दोपहर 1 लाख से अधिक प्रदर्शनकारी जयपुर की ओर पैदल कूच करेंगे। इस महा-मार्च में बिचून के आस-पास के 50 गांवों के किसान, युवा और महिलाएं अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ राजधानी ठप करने निकलेंगे।

आंदोलन की मुख्य मांगें:
रीको प्रस्ताव का तत्काल निरस्तीकरण: भैराना धाम की संपूर्ण सांस्कृतिक और भौगोलिक सीमा से रीको औद्योगिक क्षेत्र के प्रस्ताव को तत्काल और स्थायी रूप से निरस्त किया जाए।
संरक्षित क्षेत्र घोषित हो: इस पौराणिक तपोभूमि को वैधानिक रूप से ‘धार्मिक एवं पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र’ घोषित किया जाए ताकि भविष्य में इस पर कोई आंच न आ सके।
तपोवन में ऐतिहासिक आयोजन: 1 लाख भक्तों के लिए ‘महाप्रसादी’ का होगा आयोजन

आध्यात्मिक एवं जनसेवा के केंद्र ‘दादू तपोवन’ में एक विशाल जन-आंदोलन का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर पर लगभग 1 लाख श्रद्धालुओं के लिए ‘महाप्रसादी’ (भंडारे) की व्यवस्था की जा रही है, जो इस क्षेत्र का एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व आंदोलन होगा।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version