Home latest भीलवाड़ा-राजसमंद नई रेल लाइन को लेकर दो सांसदों ने उठाई मांग

भीलवाड़ा-राजसमंद नई रेल लाइन को लेकर दो सांसदों ने उठाई मांग

0

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

विशेष संवाददाता, जयपुर/भीलवाड़ा | सत्यनारायण सेन गुरला | 26 मई 2026

भीलवाड़ा/राजसमंद। मेवाड़ क्षेत्र की दशकों पुरानी बहुप्रतीक्षित मांग अब जोर पकड़ती नजर आ रही है। भीलवाड़ा से कुंवारियां (वाया गुरलां-कारोई-गंगापुर-पोटला-कुरज) नई रेलवे लाइन के निर्माण को लेकर भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल और राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोल दिया है। दोनों सांसदों ने संसद से लेकर रेल मंत्रालय तक इस परियोजना को शीघ्र स्वीकृति देने की मांग उठाई है।

जनप्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से इस रेल कनेक्टिविटी की मांग कर रही है। पूर्व में इस रूट का सर्वे भी किया जा चुका है, लेकिन विभिन्न कारणों से परियोजना को मंजूरी नहीं मिल सकी। अब डबल इंजन सरकार में दोनों सांसदों द्वारा एक स्वर में मांग उठाए जाने से क्षेत्रवासियों में नई उम्मीद जगी है।

प्रस्तावित रेल मार्ग

प्रस्तावित योजना के अनुसार नई ब्रॉडगेज रेल लाइन भीलवाड़ा से शुरू होकर गुरलां, कारोई, गंगापुर, पोटला और कुरज होते हुए राजसमंद जिले के कुंवारियां तक पहुंचेगी। इस रेल मार्ग के बनने से दोनों जिलों के बीच आवागमन अधिक आसान और तेज हो जाएगा।

क्षेत्र को होंगे कई बड़े फायदे

उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

भीलवाड़ा के टेक्सटाइल उद्योग और राजसमंद के मार्बल एवं माइनिंग कारोबार को इस रेल लाइन से सीधा लाभ मिलेगा। माल परिवहन सस्ता और तेज होने से व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

लाखों लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी

गुरलां, गंगापुर और कुरज जैसे कस्बों के लोगों को लंबी दूरी के लिए बसों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। रेल सुविधा मिलने से यात्रा अधिक सुगम और किफायती होगी।

पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को बढ़ावा

इस रेल लाइन के शुरू होने से नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर और कांकरोली स्थित द्वारकाधीश मंदिर पहुंचना देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आसान होगा, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

रोजगार के नए अवसर

रेलवे स्टेशनों के निर्माण, लॉजिस्टिक्स हब और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

सस्ता और सुरक्षित सफर

ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह रेल लाइन राहत साबित होगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।

सांसदों ने बताया विकास की जीवन रेखा

राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने रेलवे की उच्च स्तरीय बैठकों में इस परियोजना को क्षेत्र के विकास की “जीवन रेखा” बताते हुए प्राथमिकता देने की मांग की है। वहीं भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल ने रेल संघर्ष समिति और आमजन के ज्ञापनों पर संज्ञान लेते हुए रेल मंत्री से मुलाकात कर परियोजना को केंद्रीय बजट में शामिल करने का आग्रह किया है।

जनता को स्वीकृति का इंतजार

क्षेत्र की जनता का कहना है कि दोनों सांसदों के संयुक्त प्रयासों से इस बार परियोजना को मंजूरी मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है। अब लोगों की नजर केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version