लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सहकारिता क्षेत्र में राष्ट्रीय योजनाओं और नवाचारों को धरातल पर लागू करने में अग्रणी बनकर उभर रहा है। ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को साकार करते हुए प्रदेश ने अन्न भंडारण, ई-पैक्स, एम-पैक्स गठन सहित कई क्षेत्रों में देश में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
अन्न भंडारण योजना में राजस्थान अव्वल
विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत राजस्थान देश में पहले स्थान पर है। वर्ष 2024-25 और 2025-26 में प्रदेश में 200 गोदाम स्वीकृत किए गए, जिनमें से 120 का निर्माण पूरा हो चुका है। वर्ष 2026-27 में 50 नए गोदाम प्रस्तावित हैं। इस योजना से तीन वर्षों में प्रदेश की भंडारण क्षमता में करीब 1 लाख 25 हजार मीट्रिक टन की बढ़ोतरी होगी।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान में 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले 10 नए गोदामों का शिलान्यास और 50 गोदामों का लोकार्पण किया गया। साथ ही राज्य भंडारण निगम को 100 गोदाम हस्तांतरित किए गए।
गांव-ढाणी तक पहुंच रहा सहकारिता का लाभ
प्रदेश में 42 हजार से अधिक सहकारी समितियां संचालित हैं, जिनसे 1 करोड़ 35 लाख से ज्यादा सदस्य जुड़े हैं। सहकार सदस्यता अभियान के तहत करीब 8 लाख 90 हजार नए सदस्य जोड़े गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों, महिलाओं और युवाओं को आर्थिक मजबूती मिल रही है।
ई-पैक्स और एम-पैक्स में राजस्थान आगे
सहकारी समितियों के कम्प्यूटरीकरण के तहत प्रदेश में 6,781 पैक्स में से 5,646 को ई-पैक्स के रूप में विकसित किया जा चुका है। इनके माध्यम से 10 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन हुए हैं।
हर पंचायत में सहकारी समिति गठन योजना के तहत अब तक 5,279 नई बहुउद्देशीय सहकारी समितियां बनाई गई हैं। इनमें 1,977 एम-पैक्स के गठन के साथ राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है।
किसानों और महिलाओं को मिल रहा लाभ
करीब 4,875 पैक्स तीन या उससे अधिक व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रही हैं। इनके माध्यम से कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, किसान उत्पादक संगठन और जन औषधि केंद्र जैसी सेवाएं ग्रामीणों तक पहुंच रही हैं।
डेयरी सहकारिता मॉडल ने भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन और जिला दुग्ध संघों से जुड़े सदस्यों में 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। करीब 9.40 लाख दुग्ध उत्पादकों में 4.20 लाख से अधिक महिलाएं शामिल हैं। डेयरी क्षेत्र का कारोबार रिकॉर्ड 10 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
किसानों और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से 71 लाख से अधिक किसानों के खातों में 2,726 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि पहुंचाई गई है। वहीं गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत करीब 60 हजार पशुपालकों को ऋण उपलब्ध कराया गया है।
प्रदेश में ‘श्री अन्न’ को बढ़ावा देने के लिए 240 आउटलेट्स स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा भारत टैक्सी डिजिटल प्लेटफॉर्म से 17 हजार से अधिक कैब, ऑटो और बाइक चालक जुड़ चुके हैं।
स्वास्थ्य और पर्यावरण क्षेत्र में भी पहल
सहकारिता मॉडल के तहत प्रदेश के सभी जिलों में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध होंगी। वहीं जयपुर के सुमेल गांव में 60 एकड़ से अधिक क्षेत्र में ‘सहकार वन’ विकसित किया जा रहा है।
राज्य सरकार का कहना है कि सहकारिता के माध्यम से गांवों में आत्मनिर्भरता बढ़ रही है और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। ‘सहकार से समृद्धि’ मॉडल राजस्थान में ग्रामीण विकास और सामाजिक बदलाव का आधार बनता जा रहा है।