गौ संरक्षण-प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय सहमति बनाने निकली यात्रा लौटी ,प्रधानमंत्री को भेजा प्रस्ताव

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

जयपुर। अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद की ओर से आयोजित राष्ट्रीय गौ सम्मान संकल्प यात्रा के समापन के बाद जयपुर लौटे यात्रा दल का मंगलवार को टोंक रोड सांगानेर स्थित श्री पिंजरापोल गौशाला में पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। यात्रियों ने काल भैरव मंदिर में ढोक देकर यात्रा सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया। यात्रा के दौरान विभिन्न राज्यों की गौशालाओं, किसानों, संत-महात्माओं, कृषि विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों से संवाद कर गौ संरक्षण, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े सुझाव जुटाए गए। इन सुझावों के आधार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विस्तृत ज्ञापन भेजकर राजस्थान को प्राकृतिक कृषि एवं जैविक कृषि का राष्ट्रीय मॉडल बनाने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं।
परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयोजक डॉ. अतुल गुप्ता के नेतृत्व में निकली यात्रा ने विभिन्न ज्योतिर्लिंगों और प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया।
यात्रा के दौरान देखे प्राकृतिक खेती के प्रयोग:
यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने गौशालाओं की स्थिति, प्राकृतिक खेती के प्रयोगों, किसानों की चुनौतियों और ग्रामीण विकास की संभावनाओं का अध्ययन किया। जयपुर लौटने पर आयोजित स्वागत समारोह में डॉ. गुप्ता ने बताया कि यात्रा केवल धार्मिक दर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि देश और प्रदेश के ज्वलंत विषयों पर जनसंवाद और समाधान खोजने का अभियान साबित हुई।
पीएम को भेजे ज्ञापन में उठाई ये मांगें:
डॉ. गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में राजस्थान को प्राकृतिक कृषि एवं जैविक कृषि क्षेत्र घोषित करने के लिए विशेष राष्ट्रीय मिशन शुरू करने की मांग की गई है। साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष वित्तीय पैकेज, अनुसंधान, प्रशिक्षण और विपणन सहायता उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है।
ज्ञापन में प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्राकृतिक खेती का मॉडल फार्म स्थापित करने, गौशालाओं को प्राकृतिक खेती और ग्रामीण उद्योगों से जोडऩे, रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने के लिए चरणबद्ध नीति लागू करने तथा प्राकृतिक विकल्पों को प्रोत्साहित करने की मांग भी की गई है।
गौ माता को मिले राज्य माता का दर्जा:
परिषद ने प्रधानमंत्री से प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को विशेष प्रोत्साहन, प्रमाणन सुविधा, प्रीमियम मूल्य और निर्यात सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। इसके साथ ही गौ संरक्षण को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से गौ माता को राज्य माता का दर्जा देने पर विचार करने का अनुरोध भी किया गया है।
डॉ. अतुल गुप्ता ने कहा कि राजस्थान में विशाल कृषि भूमि, हजारों गौशालाएं और समृद्ध गौवंश उपलब्ध है। यदि प्राकृतिक खेती और गौ आधारित कृषि अर्थव्यवस्था को नीति स्तर पर बढ़ावा दिया जाए तो किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार सृजन, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान प्राप्त सुझावों को राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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