लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अवैध खनन मामले को लेकर विपक्ष के निशाने पर पार्टी
डीग। अवैध खनन पर सख्ती के दावे करने वाली भारतीय जनता पार्टी की ओर से डीग जिले के नए जिलाध्यक्ष के रूप में सतीश बंसल की नियुक्ति के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष और स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने इस नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए इसे भाजपा की “कथनी और करनी” में अंतर बताया है।
विवाद की वजह यह है कि मार्च 2025 में डीग जिले के गोपालगढ़ थाना क्षेत्र में खनिज विभाग ने कथित अवैध खनन के मामले में सतीश बंसल सहित आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। जानकारी के अनुसार, 12 मार्च 2025 को पीरुका पहाड़ियों पर खनिज विभाग की कार्रवाई के दौरान दो एस्केवेटर मशीनें और एक डंपर जब्त किए गए थे। उस समय स्थानीय ग्रामीणों ने बंसल सहित अन्य लोगों पर अवैध खनन कराने के आरोप लगाए थे।
हालांकि, सतीश बंसल ने उस समय अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए सभी आरोपों से इनकार किया था। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उक्त मामले में जांच या न्यायिक प्रक्रिया का अंतिम परिणाम क्या रहा है।
अब भाजपा द्वारा उन्हें डीग का जिलाध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद विपक्ष सवाल उठा रहा है कि अवैध खनन जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर चुके नेता को संगठन की जिम्मेदारी देने से जनता के बीच क्या संदेश जाएगा।
भाजपा की ओर से इस विवाद को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
















































