लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गहलोत ने फिर दोहराया विवादित बयान, बीजेपी पर बोला तीखा हमला
जोधपुर। राजस्थान की सियासत में दल-बदल और जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त को लेकर छिड़ी बहस के बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने विवादित बयान को एक बार फिर दोहराते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा उनके बयान को लोकतंत्र का अपमान बताए जाने के बाद गहलोत ने पलटवार करते हुए कहा कि जो जनप्रतिनिधि करोड़ों रुपये में बिक जाते हैं, उन्हें वह “घोड़ा-गधा, भैंस-बकरी” नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे।
“करोड़ों में बिक रहे विधायक-सांसद, उन्हें घोड़ा-गधा नहीं कहूं तो क्या कहूं” : गहलोत
गहलोत ने कहा कि देश में लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त से पैदा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में विधायक और सांसद करोड़ों रुपये में बिक रहे हैं। जनता जिन लोगों को अपने विश्वास के साथ चुनकर विधानसभा और संसद में भेजती है, वही यदि सत्ता और पैसे के लालच में अपना राजनीतिक जमीर बेच दें तो यह लोकतंत्र के साथ विश्वासघात है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “देश में 5 करोड़, 10 करोड़ और 50 करोड़ रुपये तक में विधायक और सांसद बिक रहे हैं। जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि यदि इस तरह बाजार में बिकने लगें तो उन्हें घोड़ा-गधा, भैंस-बकरी नहीं कहूं तो क्या कहूं? मैं उनकी पूजा तो नहीं कर सकता।”
गहलोत ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि असली सवाल उनके शब्द नहीं, बल्कि लोकतंत्र में हो रही खरीद-फरोख्त है, जिस पर भाजपा जवाब देने से बच रही है।
मदन राठौड़ की आलोचना पर गहलोत का पलटवार, बोले- लोकतंत्र का असली अपमान खरीद-फरोख्त
गहलोत के इस बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने जहां इसे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों का अपमान बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे लोकतंत्र की रक्षा और राजनीतिक खरीद-फरोख्त के खिलाफ उठाई गई आवाज करार दे रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और अधिक गरमाने के संकेत दे रहा है।













































