लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
प्राकृतिक खेती और ‘मॉडल गांव’ पर फोकस
संगठन महामंत्री अजेय कुमार बोले- सोशल मीडिया बने जन-जागरण का प्रभावी माध्यम, प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी ने पेश किया 100 दिनों का रोडमैप
जयपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा राजस्थान की नवनियुक्त प्रदेश कार्यकारिणी की पहली बैठक बुधवार को जयपुर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक के मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार रहे। इस अवसर पर किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री शैलाराम चौधरी, प्रदेश प्रभारी जसवंत विश्नोई, प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी, प्रदेश महामंत्री बद्रीराम जाट एवं श्रवण सिंह राव, प्रदेश उपाध्यक्ष रेवंतराम राजपुरोहित सहित प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में संगठन विस्तार, आगामी गतिविधियों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत मंथन किया गया।
सोशल मीडिया से गांव-गांव तक पहुंचे सरकार की योजनाएं : अजेय कुमार
प्रदेश महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि संगठन में प्रत्येक दायित्व महत्वपूर्ण होता है और सभी कार्यकर्ता संगठन की मजबूती की कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि किसान मोर्चा का लक्ष्य “समृद्ध किसान, विकसित किसान” की संकल्पना को धरातल पर उतारना है।
उन्होंने प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को टिकाऊ एवं कम लागत वाली खेती की ओर प्रेरित कर रही हैं। इसके लिए सही तकनीक, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन आवश्यक है।
अजेय कुमार ने कहा कि बदलते दौर में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जन-जागरण का प्रभावी मंच बन चुका है। सरकार की किसान हितैषी योजनाओं और संगठन की गतिविधियों को हर गांव और हर किसान तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करना होगा।
हर जिले में विकसित होगा एक ‘मॉडल गांव’
किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी ने आगामी एक वर्ष की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए कहा कि भाजपा किसान मोर्चा राजस्थान के प्रत्येक जिले में एक ‘मॉडल गांव’ विकसित करेगा। इन गांवों में प्राकृतिक एवं जैविक खेती, गौ-आधारित कृषि, आधुनिक तकनीक और पारंपरिक ज्ञान का समन्वय किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मॉडल गांवों में गोपालन को बढ़ावा देने के साथ गोबर एवं गोमूत्र से जैविक खाद और जीवामृत तैयार कर खेती की लागत कम करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर फूड प्रोसेसिंग इकाइयों के माध्यम से कृषि उत्पादों को मूल्यवर्धित कर बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। इन कार्यों का संचालन किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा।
100 दिनों का विशेष अभियान
प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी ने बताया कि किसान मोर्चा अगले 100 दिनों में राज्यभर में व्यापक जन-जागरण अभियान चलाएगा। इसके तहत प्रत्येक गांव और ढाणी में किसान चौपाल आयोजित कर किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं, जैसे पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना और सॉयल हेल्थ कार्ड की जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि ब्लॉक स्तर पर प्राकृतिक खेती और गौ-आधारित कृषि पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित होंगे। मोर्चा के पदाधिकारी सीधे किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुनेंगे तथा प्रशासन के समन्वय से उनके समाधान का प्रयास करेंगे।
बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय बनाने, किसानों के बीच संवाद बढ़ाने और सरकार की कृषि नीतियों को प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।


















































