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अजमेर से शुरू हुआ ‘वन्दे गंगा जल संरक्षण अभियान

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

नितिन मेहरा वरिष्ठ संवाददाता, (राजस्थान)

वरुण सागर तट पर जुटी भीड़; जल मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बताया आनासागर का नया प्लान

अजमेर। गंगा दशहरा के पावन मौके पर अजमेर के वरुण सागर तट से ‘वन्दे गंगा जल संरक्षण महाअभियान’ का शंखनाद किया गया। जिला स्तर पर शुरू हुए इस अभियान का मुख्य मकसद पानी की हर बूंद को सहेजना और पर्यावरण की रक्षा के लिए आम लोगों को जागरूक करना है। इस कार्यक्रम को एक जन आंदोलन का रूप देने के लिए जिला मुख्यालय के साथ-साथ उपखंड, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर भी समानांतर कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है।

वरुण सागर में स्वच्छता श्रमदान और कलश यात्रा
महाअभियान की शुरुआत वरुण सागर के घाटों की सफाई और श्रमदान के साथ हुई। इस सेवा कार्य में स्थानीय नागरिकों के साथ स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर हिस्सा लिया। इसके बाद जल की महत्ता को दर्शाने के लिए पूरे विधि-विधान से जल पूजन किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने मंगल कलश यात्रा निकाली, जिसे अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान गूंजते पारंपरिक गीतों ने पूरे माहौल को सांस्कृतिक रंग में रंग दिया। इससे पहले स्कूली बच्चों ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर शहर में प्रभात फेरी निकाली।

जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत का बड़ा बयान
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने जलस्रोतों को बचाने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा:

* अभियान का लक्ष्य: 25 मई से 5 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत राज्य की नदियों, बावड़ियों और तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा।

* प्लास्टिक पर रोक: सभी पारंपरिक जल स्रोतों को प्लास्टिक कचरे से पूरी तरह मुक्त करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।

* आनासागर का कायाकल्प: अजमेर की प्रसिद्ध आनासागर झील की पानी रोकने की क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 3 लाख क्यूबिक मीटर मिट्टी (सिल्ट) निकाली जाएगी, जिससे आने वाले मानसून में यहां ज्यादा पानी जमा हो सके।

2047 के विकसित भारत के लिए पानी बचाना जरूरी: भागीरथ चौधरी

मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने जन सहभागिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को पूरा करने के लिए पानी और पेड़ बचाना सबसे जरूरी है। पिछले 40 सालों में इंसानों ने प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन किया है। अब वक्त आ गया है कि हर नागरिक ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से काम करे और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर देश को मजबूत बनाए। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने पीपल की पूजा की, नए पौधे लगाए और ग्रामीण महिलाओं के हुनर को बढ़ावा देने वाली राजीविका प्रदर्शनी का भी मुआयना किया। इस मौके पर जिले के प्रभारी सचिव नीरज के. पवन समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे।

इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राम प्रकाश, अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त नित्या के., मुख्य वन संरक्षक अनूप के. आर., देहात अध्यक्ष जीतमल प्रजापत, शहर अध्यक्ष रमेश सोनी, पूर्व सभापति कमल पाठक, अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेन्द्र कुमार मीणा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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