लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सिरोही/आबूरोड | आबूरोड क्षेत्र में फर्जी झोलाछाप डॉक्टरों का नेटवर्क बेखौफ तरीके से सक्रिय बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह आरोप सामने आ रहे हैं कि प्रशासनिक सख्ती के शुरुआती संकेतों के बावजूद अब अभियान ठंडे बस्ते में चला गया है।
जानकारी के अनुसार, पूर्व जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी द्वारा झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद चिकित्सा विभाग ने प्रारंभिक स्तर पर कुछ कार्रवाई भी की, लेकिन बाद में अभियान धीमा पड़ गया।
इस बीच आबूरोड के ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (BCMO) गौतम मोरक्का की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से एक ही क्षेत्र में पदस्थ रहने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
आदिवासी बहुल क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों की सक्रियता को लेकर स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना योग्य चिकित्सा ज्ञान के इलाज करने वाले ऐसे लोगों से आमजन की जान को खतरा बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने नवनियुक्त जिला कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
मामले को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि चिकित्सा विभाग और संबंधित टीम की भूमिका की गहन जांच जरूरी है, ताकि क्षेत्र की जनता को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
फिलहाल क्षेत्रवासियों की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, जिससे इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकल सके।


















































