24 जुलाई को सायं 5:00 बजे श्री बृज निधि मंदिर से प्रारंभ होगी बहुदा (वापसी) रथ यात्रा

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

**जयपुर वापसी रथ यात्रा 2026 में पहली बार होगा ‘अधर पाना महोत्सव’ का आयोजन**

 जयपुर. रथ यात्रा महोत्सव–2026** में इस वर्ष पहली बार भगवान श्री जगन्नाथ की प्राचीन एवं दिव्य परंपरा “अधर पाना महोत्सव” का आयोजन किया जाएगा। यह ऐतिहासिक अवसर जयपुर के श्रद्धालुओं को पहली बार इस अद्वितीय जगन्नाथ परंपरा के साक्षी बनने का सौभाग्य प्रदान करेगा।

**बहुदा (वापसी) रथ यात्रा** **24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) सायं 5:00 बजे** **श्री बृज निधि मंदिर** से प्रारंभ होकर त्रिपोलिया गेट, छोटी चौपड़, बड़ी चौपड़ एवं हवा महल रोड होते हुए **श्री रामचंद्र मंदिर** पहुँचेगी। इसी पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के रथों पर **अधर पाना महोत्सव** सम्पन्न किया जाएगा।

**अधर पाना** भगवान श्री जगन्नाथ को अर्पित किया जाने वाला एक विशेष दिव्य पेय है, जिसे दूध, छेना, चीनी, केला, कपूर, काली मिर्च, जायफल तथा अन्य सुगंधित मसालों से तैयार किया जाता है। इस पवित्र पेय को बड़े मिट्टी के कलशों में भरकर भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के समक्ष उनके रथों पर ही अर्पित किया जाता है।

इस अनुष्ठान की सबसे विशिष्ट परंपरा यह है कि अर्पण के पश्चात इन मिट्टी के कलशों को जानबूझकर तोड़ दिया जाता है, जिससे पूरा पेय रथ एवं भूमि पर प्रवाहित हो जाता है। यह पेय भक्तों के लिए प्रसाद नहीं होता। जगन्नाथ परंपरा के अनुसार यह अर्पण रथों के **पार्श्व देवताओं** तथा रथ यात्रा के दौरान भगवान के साथ चलने वाली **अदृश्य दिव्य शक्तियों एवं सूक्ष्म प्राणियों** के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिव्य अर्पण से वे तृप्त होकर भगवान की कृपा प्राप्त करते हैं तथा उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।

अधर पाना महोत्सव भगवान श्री जगन्नाथ की उस सार्वभौमिक करुणा का प्रतीक है, जो केवल मानव जाति तक ही सीमित नहीं, बल्कि समस्त दृश्य एवं अदृश्य प्राणियों पर समान रूप से बरसती है। यही भावना जगन्नाथ संस्कृति को विश्व में अद्वितीय बनाती है।

श्री जगन्नाथ सेवक समिति ने जयपुर एवं आसपास के सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे **24 जुलाई को सायं 5:00 बजे श्री बृज निधि मंदिर से प्रारंभ होने वाली वापसी रथ यात्रा** में परिवार सहित सम्मिलित होकर पहली बार आयोजित होने वाले **अधर पाना महोत्सव** के दिव्य एवं दुर्लभ दर्शन का लाभ प्राप्त करें।

 

 

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