ब्यावर में अवैध कपड़ा धुलाई इकाइयों पर कार्रवाई की मांग

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

जोधपुर, पाली ,बालोतरा से पलायन कर ब्यावर नदी प्रदूषित कर रहे रंगाई छपाई वाले केमिकल पानी डाल रहे नदी में 

हाई पॉवर्ड कमेटी व प्रशासन को ज्ञाप

जोधपुर। पाली जोधपुर व बालोतरा के बाद अब ब्यावर क्षेत्र में कपड़ा फैक्ट्रियों से निकलने वाले रासायनिक प्रदूषित पानी और कथित अवैध धुलाई इकाइयों के संचालन को लेकर स्थानीय लोगों ने राज्य सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। कुछ समाजसेवी लोगो ने पाली जोधपुर व बालोतरा के अब ब्यावर की नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए राज्य सरकार को ज्ञापन भेजकर समस्या के समाधान की मांग की। साथ ही शनिवार को सर्किट हाउस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पॉवर्ड कमेटी को ज्ञापन देकर प्रदूषण से बचाने की गुहार की है। इन लोगो ने ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि पाली, जोधपुर और बालोतरा की कपड़ा फैक्ट्रियों से निकलने वाले रासायनिक पानी के कारण नदियां और जलस्रोत पहले से प्रदूषित हैं।

अब ब्यावर क्षेत्र में भी कुछ कपड़ा माफिया स्थानीय लोगों से सांठगांठ कर बड़े वाहनों और ट्रकों के जरिए केमिकल युक्त रंगीन कपड़ा लाकर अवैध रूप से धुलाई का कारोबार कर रहे हैं। इससे निकलने वाला दूषित पानी ब्यावर के मुख्य तालाब, विद्याधर तालाब और नारायण नगर नाले में एकत्र हो रहा है। ज्ञापन में दावा किया गया कि प्रदूषण के कारण हजारों एकड़ कृषि भूमि बंजर होने, भूजल जहरीला होने तथा स्थानीय लोगों में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

  साथ ही जहरीला पानी पीने से पशुओं की मौत और जलीय व वन्य जीवों के अस्तित्व पर भी संकट बताया गया है। शिकायतकर्ताओं ने मुख्य मार्गों, सीमाओं और नाकों पर पुलिस की सख्त नाकाबंदी, केमिकल युक्त कपड़ा ढोने वाले वाहनों को सीज करने तथा संबंधित फैक्ट्रियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

 

 

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