सरकार और कांस्टेबल बाबूलाल बैरवा के परिजनों के बीच समझौता

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

जयपुर। आखिरकार हेड कांस्टेबल बाबूलाल बैरवा की मौत के बाद पिछले 6 दिनों से धरने पर बैठे परिजनों और सरकार के बीच अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग राजस्थान सरकार की अध्यक्षता में बैठक के बीच समझौता हो गया है। बताया जा रहा है कि परिजनों और सरकार के बीच में संगीता में अहम भूमिका डिप्टी सीएम प्रेमचंद दरवाजा ही नहीं भाई

समझौते के अनुसार मामले की जांच एसआईटी टीम दिनेश एम एन के नेतृत्व में करेगी । पुलिस विभाग की तरफ से स्वैच्छिक आर्थिक सहयोग आज से शुरू कर दी जाएगी जिसे एक महीने के अंदर पूर्ण कर ली जाएगी। यानी सरकार की तरफ से त्वरित रूप से कोई आर्थिक सहयोग नहीं किया जाएगा। बाबूलाल बैरवा के सेवा परिलाभ को जो लगभग 55 लाख रुपया एवं पेंशन आदि की कार्यवाही तुरंत शुरू कर दी जाएगी। स्वर्गीय बाबूलाल बैरवा के बेटे तनुज को अनुकंपा नौकरी दी जाएगी। बाबूलाल बैरवा की बेटी को जयपुर में ही संविदा पर नौकरी दी जाएगी । स्वर्गीय बाबूलाल बैरवा की पुत्री साक्षी गोठवाल को पुलिस परिवार के द्वारा गोद लिया जाएगा। इसकी शिक्षा और विवाह तक की जिम्मेदारी पुलिस विभाग द्वारा निभाई जाएगी । परिवार द्वारा पार्थिव शरीर के पंचनामा , पोस्टमार्टम एवं दाह संस्कार प्रक्रिया आज पूर्ण कर दी जाएगी । हालांकि 6 दिन से धरने पर बैठे लोग सुसाइड नोट में लिखित आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे ,दो करोड रुपए का मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग कर रहे थे ।इनमें से सिर्फ अनुकंपा नौकरी की मांग स्वीकार की गई है जो वैसे भी किसी कर्मचारी की मौत के बाद में उसके किसी एक परिजन को दी जाती है ।आर्थिक रूप से सहयोग देने की मांग को बिल्कुल भी को दरकिनार कर दिया गया है। वहीं मामले के आरोपियों के खिलाफ किसी तरह की कार्यवाही का भरोसा भी नहीं दिया गया है। सिर्फ SIT टीम के द्वारा जांच का भरोसा दिया गया है । परिवार ने यह समझौता अतिरिक्त मुख्य सचिव की मौजूदगी में किया है। हालांकि परियोजना द्वारा किए गए समझौते को लेकर धरना स्थल पर मौजूद लोग विरोध कर रहे हैं।

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