लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या:
जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने की जेल में हत्या
अजमेर/जयपुर। राजस्थान के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई हत्या के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद मोर्चरी के बाहर पहुंचे जगन गुर्जर के बेटे आसाराम गुर्जर, परिजनों और समर्थकों ने धरना देते हुए पूरे हत्याकांड की CBI जांच की मांग की है।
बेटा बोला मैं जगन गुर्जर का खून बदला लेना जानता हूं
आसाराम ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई और उनके चाचा को धौलपुर जेल शिफ्ट नहीं किया गया, तो गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार की जान को खतरा है और मामले की सच्चाई केवल CBI जांच से ही सामने आ सकती है।
बेटे का बड़ा बयान
आसाराम ने कहा कि:
“मेरे पिता की हत्या की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मुझे सुरक्षा दी जाए और मेरे चाचा को धौलपुर जेल भेजा जाए। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो मैं भी अपने पिता का रास्ता अपनाऊंगा।”
जेल के अंदर कैसे हुई हत्या?
जेल प्रशासन के अनुसार, जगन गुर्जर और बंदी विष्णु जाट के बीच मामूली कहासुनी हुई थी। इसके बाद दोनों ने साथ बैठकर लूडो खेला, खाना खाया और सो गए। दोपहर करीब 3 बजे जब जेल कर्मचारी बैरक में पहुंचे तो जगन गुर्जर मृत मिला।
आरोपी विष्णु जाट ने कथित तौर पर हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि जगन उसे लगातार गालियां देता था, प्रताड़ित करता था और अपमानित करता था, जिससे तंग आकर उसने उसका गला दबा दिया।
हालांकि, इतने बड़े अपराधी की जेल के अंदर हत्या को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। लोगों के बीच यह चर्चा है कि क्या इतनी आसानी से एक कुख्यात डकैत की हत्या संभव थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है। इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
कौन था जगन गुर्जर?
जगन गुर्जर कभी चंबल क्षेत्र में आतंक का पर्याय माना जाता था। उसके खिलाफ 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं, जिनमें हत्या, लूट, रंगदारी, मारपीट और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं।
वह गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान भी सुर्खियों में आया था, जब हथियारों के साथ आंदोलन को समर्थन देने पहुंचा और सरकार को चेतावनी दी थी। उसने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर महल को बम से उड़ाने की धमकी भी दी थी। बढ़ते पुलिस दबाव के बाद उसे कई बार आत्मसमर्पण करना पड़ा। कुछ महीने पहले भी उसे जान से मारने की धमकी के मामले में देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया था।
अब जांच पर टिकी निगाहें
जेल प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। वहीं, परिजन CBI जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड ने राजस्थान की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नोट: इस खबर में आरोपी और परिजनों के बयान उनके दावों के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। हत्या के कारणों और परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।











































