डकैत जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में मौत

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

 परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, संदिग्ध मौत से उठे सवाल

हत्या, अपहरण और फिरौती के 100 से ज्यादा मामलों का आरोपी था जगन; पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी मौत की वजह

अजमेर। राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के चंबल अंचल में कभी आतंक का पर्याय रहे कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन ने उसके परिजनों को सूचना दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। फिलहाल प्रशासन ने मौत के कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है और पूरे मामले की जांच जारी है।

जेल प्रशासन के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई इस मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

तीन राज्यों में था खौफ का दूसरा नाम

जगन गुर्जर लंबे समय तक राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के चंबल के बीहड़ों में सक्रिय रहा। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, डकैती, लूट और फिरौती सहित 100 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए वह वर्षों तक सबसे वांछित अपराधियों में शामिल रहा।

गुर्जर आरक्षण आंदोलन से सुर्खियों में आया था

जगन गुर्जर उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था, जब गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी रेलवे पटरियों पर बैठे हुए थे। इसी दौरान वह हथियारों के साथ आंदोलन स्थल पर पहुंचा और सरकार को खुली चेतावनी दी थी कि यदि समाज की मांगें नहीं मानी गईं तो चंबल के डकैत भी आंदोलन में उतरेंगे। उसके इस बयान ने उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी थी।

वसुंधरा राजे के महल को धमकी देकर बढ़ी थी चर्चा

इसके बाद जगन गुर्जर ने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर स्थित महल को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इस धमकी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार किया गया। यह मामला भी काफी चर्चित रहा था।

सरेंडर के बाद भी नहीं थमा विवाद

बाद के वर्षों में जगन गुर्जर ने आत्मसमर्पण कर दिया था और न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहा था। हालांकि, उसके जीवन को लेकर विवाद खत्म नहीं हुए। जानकारी के अनुसार, उसे अपने ही समाज के कुछ लोगों से जान से मारने की धमकियां मिलने की बात भी सामने आई थी। इन दावों की भी समय-समय पर चर्चा होती रही।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

अब अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई उसकी संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह सामान्य मौत है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है, इसका जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही सामने आएगा। जेल प्रशासन और संबंधित एजेंसियां मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही हैं।

कभी चंबल के बीहड़ों में कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बना जगन गुर्जर अब अपनी मौत को लेकर फिर सुर्खियों में है। पूरे घटनाक्रम पर पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

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