लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में राजस्थान में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसरों का द्वार खुला है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी (यूके) के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू किया है, जो स्वास्थ्य सेवाओं, अनुसंधान, क्षमता निर्माण और चिकित्सा शिक्षा के विकास को नई दिशा देगा।
चिकित्सा शिक्षा सचिव अंबरीष कुमार ने बताया कि इस एमओयू के तहत स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों का सह-विकास, संयुक्त शिक्षण, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी परियोजनाएं संचालित की जाएंगी। साथ ही गैर-संचारी रोगों (NCDs) की रोकथाम और नियंत्रण में सहयोग मिलेगा।
एमओयू के तहत दोनों देशों के चिकित्साकर्मियों और छात्रों का आदान-प्रदान होगा, जिससे वे नई तकनीक और नवाचारों को सीखकर राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत बना सकेंगे।
यह समझौता वैश्विक स्तर पर चिकित्सा शिक्षा के मानकों को मजबूत करेगा और अनुसंधान एवं तकनीकी कार्यक्रमों में फंडिंग और सहयोग के नए अवसर खोलेगा।
एमओयू हस्ताक्षर के दौरान विभाग की ओर से डॉ. मुकेश कुमार मीणा, चंचल वर्मा, लोकेश मीणा, डॉ. वंदना शर्मा सहित अधिकारी उपस्थित रहे। मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से हेलेन हॉथॉर्न, प्रो. कीथ ब्रेनन, प्रो. कैथरीन रॉबिन्सन, प्रो. विमल शर्मा, प्रो. लूसी बर्न-डेविस, प्रो. ड्रिंगो शीस्सल और अपराजिता कालरा ने भाग लिया।
यह साझेदारी राजस्थान की चिकित्सा शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी।