लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सलूंबर,सेमारी । भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे ‘जनजातीय गौरव वर्ष’ के तहत मंगलवार को सलूंबर जिले में व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य और पोषण शिविर का आयोजन किया गया। जिले के 814 आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 21,164 जनजातीय महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
जनजातीय महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया। साथ ही, पोषण स्तर की जांच कर संतुलित आहार और मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई।
‘जनजातीय गौरव वर्ष’ का उद्देश्य
बाल विकास परियोजना अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि जनजातीय गौरव वर्ष का उद्देश्य आदिवासी समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को सम्मान देना और उन्हें स्वास्थ्य एवं पोषण जैसी मूलभूत सुविधाओं से सशक्त बनाना है।
गोद भराई और प्रवेश उत्सव की खुशियाँ
कार्यक्रम में पारंपरिक ‘गोद भराई’ रस्म का आयोजन किया गया, जिसमें गर्भवती महिलाओं को पोषण कीट भेंट किए गए और उनके स्वस्थ मातृत्व की कामना की गई। इसके साथ ही, एक नन्हे बालक का ‘प्रवेश उत्सव’ मनाकर उसे आंगनवाड़ी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया।
अधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर महिला पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएँ, आशा सहयोगिनी, स्वास्थ्यकर्मी और बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएँ उपस्थित रहीं। सभी ने इस सामूहिक प्रयास को जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।