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आगर मालवा पुलिस की चर्चित एनडीपीएस कार्रवाई पर सवाल

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

  दो पूर्व थाना प्रभारियों समेत 90 से अधिक पुलिसकर्मियों पर एफआईआर

डग (झालावाड़)। मध्यप्रदेश और राजस्थान में चर्चा का विषय बनी आगर मालवा पुलिस की एक बहुचर्चित एनडीपीएस कार्रवाई अब कानूनी विवादों में घिर गई है। राजस्थान के चौमहला स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के आदेश पर आगर मालवा पुलिस के दो तत्कालीन थाना प्रभारियों समेत करीब 90 से अधिक पुलिसकर्मियों के खिलाफ डग थाने में मामला दर्ज किया गया है।

न्यायालय के निर्देशानुसार डग थाने में एफआईआर क्रमांक 154/2026 दर्ज की गई है। प्रकरण में आगर कोतवाली के तत्कालीन थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, तत्कालीन थाना प्रभारी रूप सिंह राजपूत, पुलिसकर्मी राखी गुर्जर सहित छह नामजद तथा लगभग 90 अन्य पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है।

क्या था मामला?

घटना 28 जनवरी 2026 की है, जब आगर मालवा कोतवाली पुलिस ने राजस्थान के झालावाड़ जिले के डग थाना क्षेत्र स्थित घाटाखेड़ी गांव में कार्रवाई करते हुए करीब पांच करोड़ रुपये मूल्य की एमडी ड्रग, ड्रग निर्माण में प्रयुक्त केमिकल और मशीनरी बरामद करने का दावा किया था। पुलिस ने इस कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया था। उस समय इसे प्रदेश की बड़ी एनडीपीएस कार्रवाइयों में से एक बताते हुए बड़ी सफलता के रूप में प्रचारित किया गया था।

न्यायालय पहुंचा मामला

गिरफ्तार आरोपियों के परिजनों एवं घाटाखेड़ी निवासी 75 वर्षीय हमीद खान ने पुलिस कार्रवाई को झूठा और मनगढ़ंत बताते हुए चौमहला न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया तथा बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी गांव पहुंचकर परिजनों को अपने साथ ले गए।

परिवाद में पूरी कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की गई थी।

जांच के बाद एफआईआर के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने जांच के निर्देश दिए। न्यायालय के आदेश पर झालावाड़ के उप पुलिस अधीक्षक स्तर से जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध होना माना और संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश जारी किए।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

न्यायालय के आदेश की पालना में डग थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2), 115(2), 131, 201 और 329(4) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों पर धमकाने, पद का दुरुपयोग करने, अनुचित कार्रवाई करने तथा साक्ष्यों से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

दोनों राज्यों में चर्चा का विषय

आगर मालवा पुलिस की चर्चित एनडीपीएस कार्रवाई में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद यह मामला मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों राज्यों में सुर्खियों में आ गया है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब सभी की निगाहें जांच के निष्कर्षों पर टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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