पीएम मोदी की अपील के बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन

0
11
- Advertisement -

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

 पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट और सख्त कानून का ऐलान

रितु मेहरा संवाददाता

जयपुर। लंबे समय से पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आखिरकार अपना अनशन समाप्त कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील, सरकार की ओर से की गई शुरुआती कार्रवाई तथा पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाने के आश्वासन के बाद वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया।

अनशन समाप्त कराने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे। दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री का संदेश और सरकार की मंशा सोनम वांगचुक के सामने रखी। डॉक्टरों की अनुमति के बाद दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।

पीएम मोदी ने किया बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना करेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके बाद आवश्यक विधेयक सदन में प्रस्तुत कर जल्द से जल्द पारित कराया जाएगा ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगी और दोषियों को कठोर सजा दिलाने के लिए कानून को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

दो शिक्षा अधिकारियों को हटाने के बाद बढ़ी कार्रवाई

सरकार ने पेपर लीक मामले में पहले ही दो शिक्षा अधिकारियों को उनके पदों से हटाकर सख्त संदेश दिया है। इसके बाद सरकार ने संकेत दिए हैं कि पूरे नेटवर्क की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट दिखे सोनम वांगचुक

अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार ने अब तक जो कदम उठाए हैं, उनसे उन्हें संतोष है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील और सरकार की प्रतिबद्धता पर उन्हें भरोसा है।

उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि सरकार ने जो वादा किया है, उसका पूरी गंभीरता से पालन होगा। यदि मजबूत कानून लागू हुआ तो भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी और लाखों युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा।”

युवाओं के हित में बनेगा सख्त कानून

सरकार के प्रस्तावित कानून में पेपर लीक, परीक्षा में धांधली, संगठित नकल और भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार जैसे मामलों में कठोर दंड का प्रावधान किए जाने की तैयारी है। साथ ही ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे ताकि मुकदमों का जल्द निपटारा हो और दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके।

सरकार का मानना है कि इस कानून से भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी, युवाओं का विश्वास मजबूत होगा और पेपर माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।

देशभर के युवाओं को मिलेगा संदेश

सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने को सरकार और आंदोलन दोनों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें शुक्रवार की कैबिनेट बैठक और उसके बाद संसद में लाए जाने वाले प्रस्तावित विधेयक पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि पेपर लीक के खिलाफ सरकार का सख्त कानून किस रूप में लागू होता है।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here